उत्तराखंड में पहली बार दिखा दुर्लभ क्रैब ईटिंग मंगूज, भारत में बची हैं कुल 6 प्रजाति

भारत में आमतौर पर मंगूज की करीब 6 प्रजातियां मिलती हैं। उत्तराखंड में क्रैब ईटिंग मंगूज के दर्शन होना बेहद दुर्लभ घटनाओं में से एक है। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Crab Eating Mongoose Uttarakhand: Crab Eating Mongoose in Uttarakhand
Image: Crab Eating Mongoose in Uttarakhand

नैनीताल: उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां दुर्लभ जीवों का घर है। इसे प्रकृति ने अपनी अनमोल नेमतों से नवाजा है। पिछले दिनों यहां कॉर्बेट नेशनल पार्क में दुर्लभ सफेद मोर नजर आया था। अब एक अच्छी खबर नंधौर वन्यजीव सेंच्युरी से आई है। यहां कैमरा ट्रैपिंग में पहली बार क्रैब ईटिंग मंगूज की तस्वीर कैद हुई है। उत्तराखंड में क्रैब ईटिंग मंगूज के दिखने से वन्यजीव विशेषज्ञ बेहद उत्साहित हैं। दरअसल प्रदेश में इस प्रजाति के मंगूज के रिकॉर्ड होने की यह पहली घटना है। उत्तराखंड में इस जीव के दर्शन होना बेहद दुर्लभ घटनाओं में से एक है। यहां आपको क्रैब ईटिंग मंगूज के बारे में कुछ और बातें बताते हैं। आमतौर पर क्रैब ईटिंग मंगूज घास के मैदान और झाड़ियों में रहते हैं। इन्हें कृषि योग्य भूमि के आसपास भी देखा गया है। नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य के डायरेक्टर कुंदन कुमार ने बताया कि पूरे विश्व में मंगूज की करीब 35 प्रजातियां पाई जाती हैं। भारत में आमतौर पर मंगूज की 6 प्रजातियां मिलती हैं। जिनमें क्रैब ईटिंग मंगूज दुर्लभ है। इसे मुख्य रूप से देश के पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम के काजीरंगा एवं मानस नेशनल पार्क में देखा गया है। उत्तराखंड में नंधौर वन्यजीव सेंच्युरी में इसके दिखने की ये पहली घटना है। क्रैब ईटिंग मंगूज की तस्वीर ट्रैप कैमरे में कैद हुई है। जिसकी मदद से भविष्य में इस जीव के रहन-सहन के बारे में और जानकारी जुटाई जा सकेगी।
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