पशुओं की मौत भले ही एक सामान्य सी खबर लगती हो, लेकिन जिस पशुपालक के लिए उसके मवेशी ही आजीविका का एकमात्र जरिया थे, उस पर क्या गुजर रही होगी, इसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता।
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Komal Negi
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Image: Landslide after heavy rain in Kapkot
बागेश्वर: उत्तराखंड में मानसूनी बारिश के साथ आई मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। जगह-जगह बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं, मूसलाधार बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में रह रहे लोग डरे हुए हैं। नदियां उफान पर होने से हादसे हो रहे हैं। इस बीच एक डराने वाली तस्वीर बागेश्वर के कपकोट से आई है। जहां दोबाड़ गांव में एक पशुशाला भूस्खलन की चपेट में आकर जमींदोज हो गई। हादसे में पशुशाला में बंधे सभी दो दर्जन पशुओं की मौत हो गई। पशुओं की मौत भले ही एक सामान्य सी खबर लगती हो, लेकिन जिस पशुपालक के लिए उसके मवेशी ही आजीविका का एकमात्र जरिया थे, उस पर क्या गुजर रही होगी, इसका हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते। जानकारी के मुताबिक भूस्खलन आज सुबह करीब 4 बजे हुआ। पहाड़ के दूसरे हिस्सों की तरह दोबाड़ गांव में भी तेज बारिश हो रही थी। इस बीच कपाल सिंह पुत्र कल्याण सिंह की गौशाला के पीछे भूस्खलन शुरू हो गया। किसान पशुओं को बचा पाता, इससे पहले ही पशुशाला ढह गई। हादसे में सभी दो दर्जन पशु मारे गए।
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पीड़ित लोकपाल सिंह ने बताया कि हादसे के वक्त गौशाला में एक गाय, 2 बैल, एक बछिया और 12 बकरियां बंधीं थी। सुबह तेज धमाके जैसी आवाज आई, और गौशाला ढह गई। जब तक हम मौके पर पहुंचे, सब खत्म हो चुका था। दुर्भाग्य से कोई भी मवेशी बच नहीं सका। अचानक आई आपदा से किसान का परिवार बुरी तरह सदमे में है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद करने की अपील की। बात करें मौसम की तो मैदान से लेकर पहाड़ तक अगले 24 घंटे में बहुत भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में राज्य के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होगी। इसलिए सतर्क रहें। खासकर पहाड़ी इलाकों की यात्रा करते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। नदियां-गदेरे उफनाए हुए हैं, इसलिए जितना संभव हो नदियों से दूर ही रहें।