उत्तराखंड में एक और ऑलवेदर रोड की खुली पोल, यहाँ करोड़ो की लागत से बनी ऑलवेदर रोड जगह जगह से धंसी
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साक्षी बड़थ्वाल
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Image: All weather road broken in tehri lake
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में इस मानसून सीज़न के पहले महीने में ही एक के बाद एक ऑलेवदर सड़कों की पोल खुल रही है, करोड़ों-अरबों की लागत से बन रही ये सड़कें कितनी सुरक्षित होंगी, चारधाम ऑलवेदर रोड केंद्र सरकार के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है कहा जा रहा है कि बारहमासी रोड बनने से सफर आसान होगा, चारधाम यात्रा को रफ्तार मिलेगी, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों का आर्थिक विकास होगा, लेकिन प्रोजेक्ट के काम में गुणवत्ता की किस कदर अनदेखी की जा रही है, ये आप ऊपर दिख रही तस्वीर में साफ देख सकते हैं। डराने वाली ये तस्वीर टिहरी जिले से आई है शनिवार रात को हुई भारी बारिश के चलते ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-94 कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया करोड़ो की ये योजना एक बारिश भी नहीं झेल पा रहीं हैं, ऋषिकेश और चंबा के बीच फकोट के पास कई जगहों पर सड़क टूट गई है. गनीमत यह रही कि उस समय सड़क पर कोई वाहन नहीं चल रहे थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया. वहीं सड़क धंसने के साथ ही अब परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं.
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स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क का काम कुछ ही महीने पहले पूरा हुआ है साथ ही ऑल वेदर रोड का काम करने वाली भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी ने यहां पर घटिया तरीके सड़क का काम किया है, कंपनी सिर्फ सरकारी पैसे को ठिकाने लगाने में लगी है, सड़क निर्माण में घटिया समान प्रयोग किया गया है। पहली बरसात में ही सड़क की परतें उधड़ने लगी हैं। ऑलवेदर रोड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है,आए दिन जगह-जगह सड़क टूट रही है. ऑल वेदर रोड का काम करने वाली कंपनी के खिलाफ ना तो राज्य सरकार और ना ही केंद्र सरकार कोई कार्रवाई कर रही है. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण करने वाली कम्पनी की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं सीज़न की पहली बरसात ने ऑलवेदर रोड का पर्दाफाश जिस तरह किया, उससे ये साफ है कि जब तक डेंजर ज़ोन का ट्रीटमेंट नहीं होता, यह हाईवे लोगों के लिए आसान नहीं होगा