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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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टिहरी गढ़वाल: जनप्रतिनिधि...यानी जनता की परेशानियों से खुद की परेशानी समझने वाला और महसूस करने वाला। भले ही आज जनप्रतिनिधियों पर कई सवाल खड़े होते हैं लेकिन ये भी सच है कि हमारे बीच कुछ ऐसे भी जन प्रतिनिधि हैं, जिन्हें काम से मतलब है। लोगों की परेशानियों का निवारण कैसे हो? इस बात को जो बखूबी समझे, वो ही जनप्रतिनिधि कहलाता है। आज हम आपको उस काम के बारे में बता रहे हैं, जिसे टिहरी गढ़वाल की जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने कर दिखाया। आपको बता दें कि यहां गजा क्षेत्र के प्रसिद्ध घंटाकर्ण मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं ही नहीं बल्कि विभिन्न देश विदेश से आने वाले भक्तों के लिए अलौकिक आस्था का प्रतीक हैं। घंटाकर्ण देवता को भगवान बदरीनाथ का रक्षक भी कहा जाता है। लेकिन विकट भौगोलिक परिस्थिति के चलते मंदिर तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। आपको बता दें की घंडियाल देवता मंदिर समुद्र तल से 8000हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण मंदिर में पेयजल की समस्या बनी रहती थी जिससे श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था और मंदिर में जलापूर्ति के लिए खच्चरों का सहारा लेना पड़ता था, जो की समय और आर्थिकी की दृष्टि से बहुत ज्यादा था। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने मंदिर तक पानी पहुंचाने की ठान ली। कहते हैं कि जहां चाह, वहां राह...सोना सजवाण ने ये कर भी दिखाया...आगे पढ़िए