उत्तराखंड: आंगन में 8 साल की बच्ची पर छपटा गुलदार, गदेरे में मिली लाश..गांव में दहशत

पिथौरागढ़ में 8 वर्ष की मासूम बच्ची को गुलदार ने बनाया निवाला, खून से लथपथ अवस्था में मिला बच्ची का शव, हादसे के बाद परिवार में मचा कोहराम
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Leopard pithoragarh: Leopard attacks 8 year old girl in pithoragarh
Image: Leopard attacks 8 year old girl in pithoragarh

पिथौरागढ़: उत्तराखंड में आए दिन गुलदारों का खौफ बढ़ता ही जा रहा है जो कि बेहद चिंता का विषय है। उत्तराखंड के जंगलों में मौजूद गुलदार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी गुलदार बेखौफ घूम रहे हैं। ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जब उत्तराखंड से जंगली जानवरों के हमले की खबर सामने ना आती हो। पहले केवल जंगलों तक सीमित रहने वाले खौफनाक गुलदार अब मानवीय बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं और लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। गुलदार के लिए सबसे आसान शिकार है छोटे बच्चे। यही कारण है कि गुलदार अधिकतर छोटे बच्चों को ही अपना निवाला बनाते हैं। ऐसा ही कुछ पिथौरागढ़ से सामने आया है जहां पर गुलदार ने एक 8 वर्ष की मासूम बच्ची को अपना निवाला बना दिया है और मासूम को मौत के घाट उतार दिया है। बता दें कि गुलदार ने रात को तकरीबन 8 बजे बच्ची के ऊपर हमला किया और बच्ची को उठाकर ले गया। इसके बाद घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। बहुत ढूंढने पर बच्ची का शव पुलिस ने गदेरे से बरामद किया.

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घटना 19 सितंबर की बताई जा रही है। पिथौरागढ़ के बजेठी गांव में रात तकरीबन 8 बजे एक बच्ची अपने घर के आंगन में खेल रही थी। पास ही गुलदार घात लगाए बैठा था। मौका देखते ही गुलदार ने बच्ची के ऊपर झपट्टा मारा और बच्ची को उठाकर ले गया जिसके बाद वहां पर हड़कंप मच गया। परिजनों का शोरगुल सुनकर आसपास के स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और बच्ची को ढूंढने दौड़े मगर बच्ची का पता नहीं लग सका। बच्ची की पहचान 8 वर्षीय करिश्मा के रूप में हुई है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तुरंत ही पुलिस को इस बारे में सूचना दी। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची की तलाश करना शुरू किया। सूचना मिलने पर पिथौरागढ़ से एक रेस्क्यू टीम भी तत्काल रुप से घटनास्थल के लिए रवाना हुई। देर रात तक बच्ची की खोजबीन जारी रही मगर बच्ची का पता नहीं लग सका। रात भर सर्च करने के बाद बच्ची का शव घर से 50 से 60 मीटर नीचे गदेरे से बरामद किया गया। हादसे के बाद से ही ग्रामीणों के बीच में वन विभाग के प्रति आक्रोश साफ तौर पर झलक रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार का दबदबा है मगर उसके बावजूद वन विभाग द्वारा कोई भी कड़ी कार्यवाही नहीं की गई है जिसका खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं हादसे के बाद से मासूम बच्ची के परिजनों के बीच में कोहराम मचा हुआ है और उसके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।