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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: पलायन के चलते पहाड़ के गांव खाली हो गए हैं। खाली गांव-घरों में बाहर से आए लोग बस गए हैं। कई जगहें तो ऐसी हैं, जहां बाहरी लोगों की बढ़ती घुसपैठ के चलते वहां पहले से रह रहे लोगों को पलायन करना पड़ा है। इतना ही नहीं इससे वहां का सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की संभावना भी बनी हुई है। राज्य सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीजीपी, सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को इस समस्या के निदान के लिए कुछ एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शासन के संज्ञान में आया है कि प्रदेश के कुछ विशेष क्षेत्रों में जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से जननांकीय (डेमोग्राफिक) परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। जिसका कुप्रभाव ‘कतिपय समुदाय के लोगों का उन क्षेत्रों से पलायन’ के रूप में सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर चिंता जताई, साथ ही समस्या के निदान के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा। डीजीपी के अलावा सभी जिलाधिकारियों एवं एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में जनपद स्तरीय एक समिति गठित की जाए। समिति इस समस्या के निदान के लिए अपने सुझाव देगी। संबंधित क्षेत्रों में शांति समितियों का भी गठन किया जाएगा। इन समितियों की समय-समय पर बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही जिलेवार ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो अन्य राज्यों से आकर यहां रह रहे हैं और उनका अपराधिक इतिहास है।