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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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नैनीताल: मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बहुत बुरा हाल है। सोमवार और मंगलवार को उत्तराखंड में आई आपदा में 46 लोगों की मौत हुई है। 12 लोग घायल हैं, जबकि 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। मूसलाधार बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नेचुरल डिजास्टर इंसीडेंट रिपोर्ट के अनुसार आपदा में नौ घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुल मिलाकर हर जगह से सिर्फ बुरी खबरें ही सुनने को मिल रही हैं। नैनीताल के ओखलकांडा ब्लॉक के थलाड़ी में एक मकान के धराशायी होने से वहां रह रहे छह लोगों के दबने की खबर है। इनकी खोजबीन के लिए धारी एसडीएम योगेश सिंह के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम राहत-बचाव अभियान चला रही है। एसडीएम ने बताया कि सड़क बंद और नेटवर्क न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा से नैनीताल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां खैरना में मार्ग बंद होने से 500 लोग बुधवार सुबह से फंसे हुए हैं।