बदरीनाथ में कड़ाके की ठंड के बावजूद पहुंच रहे श्रद्धालु..आंकड़ा 1 लाख 70 हजार के पार

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि आज तक चार लाख तिरासी हजार से अधिक तीर्थयात्री उत्तराखंड चारधाम दर्शन (Char Dham Yatra Uttarakhand) को पहुंच गये हैं।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Badrinath Yatra: 2 lakh devotees so far in Badrinath Char Dham Yatra Uttarakhand
Image: 2 lakh devotees so far in Badrinath Char Dham Yatra Uttarakhand

चमोली: श्री बदरीनाथ यात्रा 20 नवंबर कपाट बंद होने तक जारी है। आज तक बदरीनाथ पहुंचने वाले कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 173858 हो चुकी है। उधर ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra Uttarakhand) बस टर्मिनल पर सभी विभागों यथा चिकित्सा, पुलिस, परिवहन,पर्यटन‌- देवस्थानम, नगरनिगम, हेल्प डेस्क अभी भी कार्यरत हैं। हरिद्वार एवं ऋषिकेश यात्रा बस अड्डे से तीर्थयात्री श्री बदरीनाथ धाम रवाना हो रहे है। श्री बदरीनाथ जी में सभी ब्यवस्थायें सुचारू हैं। श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी उत्सव मूर्ति 6 नवंबर को कपाट बंद होने के बाद विगत सोमवार 8 नवंबर को पंचकेदार शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में स्थापित होते ही भगवान केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हुई। आगे पढ़िए

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धामों के तीर्थ पुरोहितों से प्राप्त जानकारी में बताया गया कि कपाट बंद होने के बाद परंपरागत रूप श्री गंगोत्री धाम की शीतकालीन पूजाएं गद्दीस्थल मुखबा( मुखीमठ) तथा श्री यमुना जी की शीतकालीन पूजाएं खरसाली (खुशीमठ) में संपन्न हो रही हैं। उत्तराखंड चार धाम श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री में कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन गद्दी स्थलों में छ: माह शीतकालीन पूजाएं होती हैं। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि आज तक चार लाख तिरासी हजार से अधिक तीर्थयात्री उत्तराखंड चारधाम दर्शन (Char Dham Yatra Uttarakhand) को पहुंच गये हैं। श्री केदारनाथ धाम सहित श्री गंगोत्री-यमुनोत्री जी के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये है। 20 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे। द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट 22 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद होंगे‌ 25 नवंबर को मद्महेश्वर मेला आयोजित होगा।