उत्तराखंड: CM धामी ने खेला हिंदुत्व कार्ड..बोले-मैंने ईगास की छुट्टी दी तो हरदा ने ‘शुक्रवार’ की

इगास पर छुट्टी करने पर सीएम पर तीखे तंज कसने वाले हरदा को मिला सीएम (Harish Rawat Friday Holiday) से करारा जवाब
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Harish Rawat Friday Holiday: CM Dhami speaks about Harish Rawat Friday Holiday
Image: CM Dhami speaks about Harish Rawat Friday Holiday

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे को जिस प्रकार के तीखे तंज कस रहे हैं इससे यह तो तय है कि इस बार 2022 विधानसभा चुनाव हिंदू मुस्लिम कार्ड (Harish Rawat Friday Holiday) पर खेला जाएगा। कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं की बयानबाजी से यह साफ हो गया है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में मजहब बीच में लाया जाएगा। यह विवाद शुरू हुआ इगास की छुट्टी को लेकर और खत्म हुआ हिंदू मुस्लिम पर। दरअसल सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस बार इगास पर्व पर छुट्टी का ऐलान किया है। उत्तराखंड में छठ पूजा से लेकर सभी त्योहारों पर छुट्टी दी जाती है मगर पारंपरिक त्यौहारों पर छुट्टी नहीं दी जाती है जिसके बाद सीएम धामी ने इस बार इगास बुग्याल पर्व पर छुट्टी देने का निर्णय लिया था जिस पर हरीश रावत ने भी टिप्पणी की थी। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - ईगास पर अपने पैतृक गांव पहुंचे अनिल बलूनी, दिया ये प्यारा सा संदेश..देखिए वीडियो
हरीश रावत ने कहा था कि इगास पर्व रविवार को पड़ रहा है। पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को ही छुट्टी दे दी है। हरदा ने सीएम धामी पर जमकर निशाना साधा। मगर विवाद वहां पर थमा नहीं। हरीश रावत की टिप्पणी पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी जमकर तंज कसा और कहा कि हरदा के राज में तो शुक्रवार को छुट्टी मिली थी। दरअसल सीएम धामी इन दिनों कुमाऊं के दौरे पर हैं और वे बीते शनिवार को अपने पैतृक गांव डीडीहाट पहुंचे जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इगास रविवार को पड़ रहा था तो हमने सोमवार को छुट्टी दे दी ताकि लोग अपने परिवार के साथ गांवों में यह पारंपरिक त्योहार मना सकें। इसके बाद उन्होंने हरीश रावत का नाम लिए बगैर उनके ऊपर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने तो शुक्रवार को छुट्टी दी थी। यह सब जानते हैं क्यों, क्योंकि शुक्रवार का दिन नमाज पढ़े जाने का दिन होता है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड चुनाव: अब इस हॉट सीट पर टिकी सभी निगाहें, ये ही है CM धामी का पैतृक गांव
सीएम धामी ने कहा कि वे किसी का नाम नहीं लेना चाहते हैं। वे सब का सम्मान करते हैं मगर हम अपने पारंपरिक त्यौहारों पर छुट्टी दे रहे हैं। ऐसे में विपक्षी पार्टियों के कुछ नेताओं को मुझसे काफी दिक्कत हो रही है। सीएम धामी ने कहा कि जब जब चुनाव होते हैं तब उनको उत्तराखंड की संस्कृति याद आती है। बता दें कि सीएम धामी से पहले अमित शाह ने भी हरीश रावत के ऊपर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि जब हरीश रावत सीएम थे तब उत्तराखंड के हाइवे पर नमाज पढ़ी जाती थी। हालांकि अमित शाह के इस आरोप का जवाब देते हुए हरीश रावत (Harish Rawat Friday Holiday) ने कहा था कि अगर भाजपा शुक्रवार की छुट्टी का शासनादेश जनता के सामने रख देगी तो वह हमेशा हमेशा के लिए राजनीति से सन्यास ले लेंगे। कुल मिला कर इस समय उत्तराखंड में हिंदू-मुस्लिम कार्ड पर जमकर राजनीति हो रही है। अब देखना यह है कि आखिर यह राजनीतिक घमासान कहां जाकर थमता है।