देहरादून-दिल्ली हाईवे के लिए पेड़ काटने पर SC ने लगाई रोक..ढाई घंटे में कैसे तय होगी दूरी?

कहा गया था कि देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस (Dehradun Delhi Expressway Supreme Court) वे के चलते देहरादून से दिल्ली का सफर सिर्फ 2.30 घंटे में पूरा होगा।
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Dehradun Delhi Expressway Supreme Court: Supreme Court bans cutting of trees for Dehradun Delhi Expressway
Image: Supreme Court bans cutting of trees for Dehradun Delhi Expressway

देहरादून: आपको याद होगा कि सरकार ने ऐलान किया था कि देहरादून से दिल्ली के बीच नया एक्सप्रेस वे (Dehradun Delhi Expressway Supreme Court) बनने से दिल्ली देहरादून की दूरी महद 2.30 घंटे रह जाएगी। इस बीच ये भी कहा गया था कि देहरादून से मोहंड तक एलिवेटेड हाईवे बनना है। सरकार का कहना था कि ये एलिवेटेड हाईवे जंगल के बीचों बीच बनेगा। इसके बाद सिटिजन फॉर दून समेत कई संगठनों ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे करीब 11,000 पेड़ कटेंगे, जो कि कतई मंजूर नहीं है। अब इस एक्सप्रेस-वे से संबंधित याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। बड़ी खबर ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ये मामला फिर से एनजीटी के पास भेज दिया है। यानी अब एनजीटी को एक बेहतर रिपोर्ट बनाकर सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी और तब ही इस हाईवे पर कोई फैसला होगा। आगे पढ़िए

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फिलहाल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। ये रोक 26 नवंबर तक के लिए रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने NGT को नए सिरे से वैधता तय करने के भी निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि इस परियोजना के लिए 11 हजार से अधिक पेड़ काटे जाने थे। NGO 'सिटिजन्स फॉर दून' की ओर से दायर अपील पर कोर्ट द्वारा ये आदेश दिया है। इस परियोजना के समर्थन में केंद्र सरकार का दावा है कि इस से दिल्ली देहरादून के बीच यात्रा का समय साढ़े छह घंटे से कम होकर ढाई घंटे ही रह जाएगा। सरकार द्वारा ये भी बताया गया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से 12 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क का निर्माण कराया जाना है। सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि इस परियोजना (Dehradun Delhi Expressway Supreme Court) को जनहित में नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि NHAI ने इस हाईवे के लिए सभी जरूरी मंजूरी ले ली है। हालांकि इसके बाद भी कोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। देखना है कि आगे क्या होता है।