रुद्रप्रयाग: दरवाजा तोड़कर गौशाला में घुसा गुलदार, दुधारू गाय को बनाया निवाला

मामला रुद्रप्रयाग का है जहां गुलदार ने गौशाला का दरवाजा तोड़कर अंदर बंधी एक दूधारू पशु को अपना निवाला बना दिया
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Leopard rudraprayag bachansyoon: Leopard attacks cow in rudraprayag bachansyoon
Image: Leopard attacks cow in rudraprayag bachansyoon

रुद्रप्रयाग: पहाड़ के लोग आज भी जीवनयापन के लिए खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं, लेकिन इन दिनों लोग ना तो खेती कर पा रहे हैं और ना ही पशुपालन. वजह है जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक. लोग खेत में फसल बोते हैं तो जंगली सुअर और बंदर फसल बर्बाद कर देते हैं. वहीं मवेशी गुलदार और भालू का शिकार बन रहे हैं. ताजा मामला रुद्रप्रयाग का है. जहां गुलदार ने गौशाला का दरवाजा तोड़कर अंदर बंधी एक दूधारू पशु को अपना निवाला बना दिया. आपको बता दें की रुद्रप्रयाग के बच्चणस्यूं क्षेत्र के पिपली गांव में लगातार जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ है. जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है. वहीं अब क्षेत्र में यह घटना घटित होने से स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है. स्थानीय महिलाएं एवं बच्चे एक स्थान से दूसरे स्थान जाने में भी कतरा रहे है.

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घटना डांडा-पिपली गांव की है. जहाँ पिपली गांव निवासी दुर्गा देवी ने जर्सी दुधारू गाय पाल रखी थी, दुर्गा देवी ने बताया कि बीती शाम वो रोज की तरह गाय को चारा देने के बाद घर चली गयी थी. दूसरे दिन सुबह जब वो गौशाला पहुंची तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए. गुलदार ने गाय को बुरे तरीके से मार दिया था जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को घटना की सूचना दी. आपको बता दें की पीड़ित महिला गाय का दूध बेचकर अपना खर्चा चलाती थी, लेकिन अब पीड़ित के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है. वहीं ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में गुलदार का आतंक चरम पर है, लेकिन वन विभाग उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा. ग्रामीणों ने पीड़ित पशुपालक को मुआवजा देने व जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है. आपको बता दें कि संकरोड़ी गांव में भी गुलदार ने गुमान सिंह की गौशाला तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों की आवाज सुनकर गुलदार वहां से भाग निकला.