Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में मानव वन्यजीव की कई खबरें आपने पढ़ी होंगी। बात करें खूंखार गुलदारों की तो पहाड़ों पर अब गुलदार केवल जंगलों तक ही सीमित नहीं है। उत्तराखंड में तो अक्सर गुलदार सड़कों पर चहलकदमी करते हुए दिख जाते हैं। इस बीच पौड़ी गढ़वाल के कोट ब्लॉक से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां फल्स्वाड़ी गांव के समीप मृत गुलदार मिला है। इससे पहले भी पौड़ी गढ़वाल जिले के उड्डा गाँव से ऐसी खबर आई थी कि गांव के समीप ही आपसी संघर्ष में घायल होने के बाद गुलदार की मौत हो गई थी।
इसके बाद गुलदार को पोस्टमार्टम के लिए रेंज कार्यालय नागदेव लाया गया। यहां रेंजर पौड़ी अनिल कुमार भट्ट की ओर से बताया गया है कि कोट ब्लॉक के फल्स्वाड़ी गाँव के ग्रामीणों की ओर से सूचना दी गयी कि गांव के खेतों में एक मृत गुलदार दिखाई दिया है। सूचना मिलते ही वन विभाग पौड़ी नागदेव रेंज की टीम मौके पर पंहुची और इसके बाद मृत मादा गुलदार को पोस्टमार्टम के लिए पौड़ी लाया गया। आगे पढ़िए...
वन विभाग द्वारा बताया कि मादा गुलदार की उम्र करीब डेढ़ वर्ष है और प्रथम दृषि से अनुमान लगाया जा रहा है कि आपसी संघर्ष से गुलदार की मौत हई है। आपसी संघर्ष होने के चलते उसके शरीर के विभिन्न अंगों पर गंभीर चोटें आई हैं। साथ ही वह काफी दिनों से भूखा था जिसके चलते गुलदार ने दम तोड़ दिया होगा। नागदेव में ही टीम की ओर से गुलदार का पोस्टमार्टम किया जाएगा जिसके बाद स्पष्ट हो पायेगा की उसके मरने की असली वहज क्या रही होगी। इससे पहले भी पौड़ी के घंडियाल के उड्डा गाँव से ऐसी खबर आई थी। गांव के समीप आपसी संघर्ष से घायल होने के बाद गुलदार की मौत हो गई थी।