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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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उत्तरकाशी: Kedarkantha trek … उत्तरकाशी का मशहूर पर्यटक स्थल। ट्रैकिंग की हसरत रखने वाले पर्यटक यहां बड़ी तादाद में पहुंचते हैं। Bikaner का रहने वाला Ashish Maurya भी इसी रोमांच को महसूस करने के लिए उत्तरकाशी पहुंचा था, लेकिन दुर्भाग्य से ट्रैकिंग से लौटते वक्त उसकी रास्ते में मौत हो गई। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। सूचना के बाद गोविंद वन्य जीव विहार पार्क प्रशासन की टीम रेस्क्यू के लिए रवाना हो गई है। दुखद घटना में जान गंवाने वाला आशीष मौर्य पुत्र बद्री प्रसाद मौर्य राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला था। गत 28 दिसम्बर को आउटडोर हाईकर्स कंपनी का 14 सदस्यीय एक दल केदारकांठा ट्रैक पर गया था। आशीष इसी ग्रुप का हिस्सा था। केदारकांठा ट्रैक से लौटते वक्त दल जैसे ही जूड़ाताल के पास पहुंचा, दल में शामिल आशीष की तबीयत बिगड़ने लगी। दल के दूसरे साथी उसे इलाज के लिए अस्पताल ला पाते, उससे पहले ही आशीष की मौत हो गई।
गोविंद वन्य जीव विहार पार्क के उपनिदेशक डीपी बलूनी ने जानकारी देते हुए बताया कि केदारकांठा से वापस आते समय रास्ते में हृदय गति रुकने से पर्यटक की मौत हुई है। दल में शामिल सभी सदस्य बीकानेर के निवासी हैं। घटना की सूचना मिलने पर गोविंद वन्य जीव विहार की टीम आउटडोर हाईकर्स कंपनी के सदस्यों के साथ दल के रेस्क्यू के लिए रवाना हो गई है। आप भी ट्रैकिंग पर निकलते वक्त जरूरी बातों का ध्यान रखें। ट्रैकिंग भले ही अट्रैक्टिव क्यों न लगे, यात्रा पर निकलने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। गाइड के साथ ट्रैकिंग पर जाएं। कोशिश करें कि जब भी आपका ट्रैकिंग का प्लान हो तो कुछ दिन पहले से ही रनिंग या फिर जॉगिंग करते रहें। उत्तराखंड के Kedarkantha और अन्य High Altitude Trekking के लिए सामान पैक करते समय मेडिकल किट रखना न भूलें, ताकि जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार किया जा सके।