उत्तराखंड: चीन बॉर्डर तक 1 साल में पहुंचेगी सड़क, जानिए 5000 करोड़ के प्रोजक्ट की खास बातें

Uttarakhand China border Road को लेकर नितिन गडकरी ने किया ऐलान, उत्तराखंड को सौंपी कई अनोखी सौगात..
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Uttarakhand China border: Uttarakhand China border Road will built at a cost of 5 thousand crores
Image: Uttarakhand China border Road will built at a cost of 5 thousand crores

चमोली: उत्तराखंड में आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा के कई बड़े नेता अबतक राज्य का दौरा कर चुके हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बाद हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृहक्षेत्र खटीमा में थारु राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में चुनावी सभा का आयोजन हुआ जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड को एक बड़ी सौगात सौंपी है।

Uttarakhand China Border Road:

Uttarakhand China border Road प्रोजक्ट..यानी उत्तराखंड में जल्द ही चाइना बॉर्डर तक सड़क पहुंचने वाली है। जी हां, उन्होंने उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक सड़कों के निर्माण का खाका पेश किया है। उत्तराखंड में टनकपुर से लिपुलेख तक की रोड का निर्माण साल भर में पूरा होने वाला है। 5000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क सुरक्षा दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यह भारत को मजबूती भी प्रदान करेगी।

यह काम एक साल में पूरा होगा। चुनावी सभा में गडकरी ने सड़कों के निर्माण को उत्तराखंड के विकास की रूपरेखा बताते हुए कहा कि टनकपुर से लिपुलेख मार्ग का प्रोजेक्ट करीब 5000 करोड़ रुपये का है, जिसके तहत टनकपुर से पिथौरागढ़ तक का काम पूरा हो चुका है।
अब मात्र 160 किलोमीटर से ज़्यादा का काम शेष है। साल भर के भीतर चाइना बॉर्डर तक सड़क पहुंच जाएगी। केवल यही नहीं, गडकरी ने अगले दो सालों के भीतर उत्तराखंड में दो लाख करोड़ की लागत से 2500 किमी सड़कों का निर्माण हो जाने की बात भी कही। उन्होंने कुमाऊं मंडल में भाजपा की विजय संकल्प यात्रा के समापन पर जनसभा के दौरान उत्तराखंड के कई मार्गों के बारे में ब्योरा घोषणाओं के रूप में पेश किया। आगे पढ़िए...

गडकरी ने उत्तराखंड को टनकपुर-लिपुलेख सड़क के अलावा और भी कई अनोखी सौगात दीं। उन्होंने कहा कि 2300 करोड़ से हल्द्वानी-लालकुआं बाईपास निर्माण किया जाएगा। इसी के अलावा उन्होंने सिमली-मुन्स्यारी-जौलजीवी-ग्वालदम तक सड़क के चौड़ीकरण की भी घोषणा की। इसे भारत माला परियोजना में शामिल किया जाएगा।
इसी के साथ उन्होंने नए कॉरिडोर एक्सप्रेस वे का जिक्र करते हुए कहा कि जल्द ही दिल्ली से देहरादून और दिल्ली से हरिद्वार का सफर 2 घंटे, दिल्ली से अमृतसर का सफर 4 घंटे, और दिल्ली से कटरा का सफर 6 घंटे का ही रह जाएगा। इसके अलावा उन्होंने खटीमा में रिंग रोड निर्माण के लिए चकरपुर, कालापुल, होते हुए टेढ़ाघाट वाया पहेनिया को भारत माला परियोजना में जोड़ने की घोषणा की। इसी के अलावा उन्होंने नजीमाबाद से अफजलगढ़ तक ग्रीनफील्ड न्यू बाइपास, हल्द्वानी से कर्णप्रयाग तक 250 किलोमीटर की आलवेदर रोड निर्माण की घोषणा भी की। फिलहाल देखना है कि Uttarakhand China border Road प्रोजक्ट कैसा तैयार होता है।