उत्तराखंड में भूकंप के झटके... चमोली-रुद्रप्रयाग में फिर डोली धरती

भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड के कई जिले संवेदनशील जोन में आते हैं, कल रात चमोली-रुद्रप्रयाग में फिर भूकंप के झटके महसूस किये गए।
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earthquake in chamoli: earthquake felt in chamoli-rudraprayag on 16 January 2022
Image: earthquake felt in chamoli-rudraprayag on 16 January 2022

चमोली: उत्तराखंड में कभी भी 8 रिक्टर स्केल तक का भूकंप आने की संभावना जताई गई है जो कि सीधे तौर पर तबाही को निमंत्रण देता है। कुछ दिनों पहले की ही बात है.. उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इससे पहले भी उत्तराखंड की केदारघाटी में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। लगातार आ रही रिपोर्ट्स में भूकंप उत्तराखंड के लिए मुसीबत बन सकता है। वैज्ञानिकों ने भी भविष्य में उत्तराखंड में भारी भूकंप की चेतावनी दी है जो कि बड़ी तबाही ला सकती है।
Volcano Discovery के मुताबिक आज सुबह चमोली-रुद्रप्रयाग में 3 बजकर 35 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किये गए। हालांकि दुनिया भर में भूकंप को मोनिटर करने वाली संस्था वोल्कानो डिस्कवरी ने इस भूकंप की तीव्रता 2.6 रिक्टर ही बताई है। वेबसाइट ने लिखा है- Weak mag. 2.6 earthquake - Rudra Prayag, 125 km east of Dehradun, Uttarakhand, India, on Sunday, Jan 16, 2022 3:35 am (GMT +5:30). आगे पढ़िए...

वैज्ञानिकों ने भविष्य में उत्तराखंड में भारी भूकंप की चेतावनी दी है जो कि बड़ी तबाही ला सकती है। नॉर्थ अल्मोड़ा थ्रस्ट और अलकनंदा फॉल्ट में हर वर्ष भूगर्भीय हलचल से साढ़े 4 मिमी धरती उठ रही है। यह भविष्य में 8 रिक्टर स्केल तक का बड़ा भूकंप ला सकता है। भूगर्भीय सक्रियता के कारण श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच धरातल प्रति वर्ष 4 मिलीमीटर उठ रहा है। रिपोर्टस के मुताबिक हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है। उनके द्वारा किए गए शोध में जिस प्रकार के आंकड़े सामने आए हैं उनसे वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है।
गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यशपाल सुंदरियाल का कहना है कि श्रीनगर रुद्रप्रयाग की धरती पर लगातार दबाव पड़ने के कारण पृथ्वी के गर्भ में बड़ी मात्रा में ऊर्जा जमा हो रही है और उस वजह से क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका पैदा हो गई है। वहीं वैज्ञानिकों का कहना है नॉर्थ अल्मोड़ा थ्रस्ट रुद्रप्रयाग श्रीनगर से होकर टिहरी झील से होते हुए उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ से होते हुए टौंस नदी तक फैला हुआ है। ऐसे में उत्तराखंड के ऊपर भूकंप का एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है।