Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
देहरादून: दूध से जिस तरह मक्खी को निकाल फेंक दिया जाता है ठीक उसी तरह हरक सिंह रावत को भी भारतीय जनता पार्टी ने बिना बताए ही पार्टी से अचानक ही निकाल दिया है। उसके बाद से ही हरक सिंह रावत दर-दर फिर रहे हैं। 3 दिन से हरक सिंह रावत कांग्रेस के गेट खटखटा रहे हैं मगर कांग्रेस में उनको अपना एंट्री नहीं मिली है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि हरक सिंह रावत उसी दिन कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं मगर 3 दिन के बाद भी कांग्रेस ने उनको शामिल नहीं किया है। कारण बताया जा रहा है हरीश रावत की नाराजगी। दरअसल 2017 के चुनावों में हरीश रावत की सरकार को गिराने में हरक सिंह रावत की एक महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इस बात से हरदा नाराज चल रहे हैं। हरक सिंह रावत के पास कांग्रेस ज्वाइन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। फिलहाल उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन नहीं की है। दरअसल इस पूरे सियासी घटनाक्रम को लेकर पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता हरीश रावत की प्रतिक्रिया आई है। आगे पढ़िए
हरक को लेकर हरदा के सुर पहले से तीखे हैं। वे कह रहे हैं कि हरक को कांग्रेस छोड़ने की अपनी गलती माननी होगी और सार्वजनिक माफी मांगनी होगी तभी कांग्रेस में एंट्री मिलेगी। हरीश रावत ने कहा कि अगर हरक सिंह रावत अपनी कांग्रेस छोड़ने की गलती मान लेते हैं तो हम पार्टी में उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह श्रेष्ठ होगा। लेकिन इसमें भी पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ख्याल रखा जाना चहिए। तो वहीं अपनी गलती मानते हुए हरक सिंह रावत ने हरीश रावत की यह शर्त को स्वीकार कर लिया है और उन्होंने एक बड़ा बयान दे दिया है। हरक सिंह रावत का कहना है कि हरीश रावत मेरे बड़े भाई जैसे हैं। मैं उनसे 100 बार माफी मांग सकता हूं। अब माफी मांग कर ही सही, हरक को कांग्रेस में मजबूत जगह बनानी है और इसके लिए उनको खूब पापड़ बेलने पड़ेंगे।