Harish Rawat ने अपने दिल में दबे हुए इच्छा को जाहिर कर पार्टी के भीतर की राजनीति में तापमान को बढ़ा दिया है। देखिए वीडियो (वीडियो साभार- देवभूमि डायलॉग)
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Political temperature rises in Uttarakhand after Harish Rawat statement
देहरादून: ना ना करते हुए भी आख़िर दिल की बात जुबां तक आ ही गई, आखिर कब तक Harish Rawat दिल में इस बात को दबा कर बैठते। कभी न कभी तो उनको यह बोलना ही था, तो उन्होंने भी दिल की बात बोलकर मौके पर चौका मार ही दिया। उनके अनुसार पार्टी के सत्ता में आने पर या तो वह मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर घर बैठ जाएंगे। तीसरा कोई विकल्प ही नहीं है। हरदा भले ही यह कह चुके हों कि उनको मुख्यमंत्री पद नहीं चाहिए, मगर असलियत तो यह है कि दिल से वे फिर से उत्तराखंड की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेना चाहते हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार अपनी दिली इच्छा जाहिर कर कांग्रेस हाईकमान को संदेशा दे दिया है। चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर उत्तराखंड में स्वयं को आगे किए जाने की पैरवी करते रहे रावत की मंशा पार्टी ने पूरी नहीं की। वहीं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने और रिजल्ट से पहले ही रावत ने अपने दिल में दबे हुए इच्छा को जाहिर कर पार्टी के भीतर की राजनीति में तापमान को बढ़ा दिया है। आगे देखिए वीडियो
दरअसल हरीश रावत एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं पार्टी में रावत समर्थकों ने भी रावत को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की मांग उठाई है अब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की इच्छा जता कर कांग्रेस पार्टी में खलबली मचा दी है। जी हां, हरीश रावत ने मुख्यमंत्री बनना है अथवा घर में बैठने की बात कही है और उसे पार्टी हाईकमान को संदेश देने की उनकी इस रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है मुख्यमंत्री नहीं बनाने की स्थिति में घर बैठने और तीसरे विकल्प ना होने से पार्टी के भीतर एक दबाव बनाने की रणनीति भी देखी जा रही है। हरदा के अनुसार, वह अपनी सोच के अनुसार नया उत्तराखंड बनाना चाहते हैं, इसलिए वह किसी भी बात पर समझौता नहीं कर सकते हैं। वेब मीडिया में दिए एक इंटरव्यू में हरीश रावत ने कहा कि अब उनकी उम्र ऐसी नहीं रह गई है कि वह कुछ और सोचें। हरीश रावत या तो मुख्यमंत्री हो सकता है या घर बैठ जाए। इन दोनों के अलावा तीसरा कोई विकल्प नहीं है। बकौल हरीश रावत, वह अपनी सोच के अनुसार नया उत्तराखंड बनाना चाहते हैं, हालांकि इसमें दूसरों की सोच को भी समाहित करेंगे। लेकिन कहीं न कहीं जो प्रभाव रहेगा, वह उनकी सोच होगी। आगे देखिए वीडियो
हरदा ने आगे कहा कि वह इस समय अपनी सोच के लिए कोई समझौता नहीं कर सकते हैं। इसलिए उनके लिए बहुत ज्यादा विकल्प नहीं हैं। वह या तो मुख्यमंत्री बनेंगे या घर बैठना पसंद करेंगे। वहीं दूसरी तरफ एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में हरीश रावत ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह हाईकमान तय करेगा। जो भी निर्णय होगा, उन्हें स्वीकार होगा। इंटरव्यू के दौरान हरीश रावत बेहद कॉन्फिडेंट नजर आए। Harish Rawat ने कहा कि पार्टी 45 से 48 सीटें जीत रही है। इसका श्रेय उन्होंने राहुल गांधी को दिया।