Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
चमोली: बीते साल फरवरी में उत्तराखंड के चमोली जिले में एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे उत्तराखंड को हिला कर रख दिया। रैणी आपदा में कई लोगों के परिवार उजड़ गए। तकरीबन 1 साल होने के बावजूद भी जख्म उतने ही गहरे और हरे हैं। लोग अब भी अपनों और परिवार के सदस्यों को खोने के दुख से जूझ रहे हैं। साल भर के बाद एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट की टनल से एक और शव बरामद हुआ है। जी हां, शव की पहचान ऋषिकेश के निवासी एनटीपीसी इंजीनियर गौरव के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जोशीमठ भेज दिया है। दरअसल मंगलवार को 1 साल के बाद आपदा की याद एक बार फिर से ताजा हो गई। उत्तराखंड के चमोली में जो आपदा आई उसको सुनकर अब भी रूह कांप जाती है। 1 साल के बाद बीते मंगलवार को जोशीमठ ब्लॉक के तपोवन विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना 520 मेगावाट की निर्माणाधीन टनल के अंदर से एक और शव बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शव की पहचान ऋषिकेश निवासी गौरव के रूप में हुई है। गौरव एनटीपीसी में इंजीनियर के पद पर तैनात थे और कंपनी के कर्मचारियों ने ही गौरव की शिनाख्त की है। 7 फरवरी 2021 ही वह दिन था जिस दिन चमोली के रैणी गांव में भीषण आपदा आई थी जिसमें ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट और एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले कई कर्मचारियों और मजदूरों के सैलाब की चपेट में आने से मौत हो गई थी। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के द्वारा टनल के अंदर कई दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था और कई शवों को बरामद किया गया था। मगर जैसे-जैसे टनल के अंदर का मलबा साफ हो रहा है वैसे-वैसे मलबे के अंदर शव भी नजर आ रहे हैं। अब तक 86 शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि एनटीपीसी और जल विद्युत परियोजना में कार्यरत 204 लोग लापता हो गए हैं जिनका कोई भी अता-पता नहीं लग पाया है।