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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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नैनीताल: उत्तराखंड के सरकारी कोषागार गबन का अड्डा बनकर रह गए हैं। पिछले दिनों नैनीताल, टिहरी और उत्तरकाशी समेत कई जगह कोषागार कर्मियों द्वारा किए गए घोटाले का पर्दाफाश हुआ। ये लोग मरे हुए लोगों को जिंदा दिखाकर उनकी पेंशन डकार रहे थे। इस दौरान करोड़ों का घपला पकड़ में आया। ताजा मामला नैनीताल जिले का है, जहां पुलिस ने लाखों रुपये की पेंशन हड़पने वाले लालची लेखाकार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 7 मृतक सरकारी कर्मचारियों को जीवित दिखाकर उनके नाम पर आई पेंशन डकारने का आरोप लगा है। आरोपी संजय कुमार ने पूर्व में को कोश्या कुटोली कोषागार में लेखाकार के पद पर नियुक्त रहते हुए पद का दुरुपयोग किया। इस दौरान आरोपी ने 7 पेंशनरों की 13 लाख 66 हजार 931रुपये पेंशन को अपने खाते में डाल कर सरकार को चूना लगाया। आगे पढ़िए
मामला सामने आने पर संबंधित विभागाध्यक्ष ने आरोपी को प्रशासनिक आधार पर निलंबित कर कोषागार नैनीताल में संबद्ध कर दिया था। कोतवाली भवाली में पंजीकृत धोखाधड़ी के मुकदमे में आरोपों की पुष्टि होने के बाद नैनीताल पुलिस ने आरोपी लेखाकार को कोषागार नैनीताल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को नैनीताल कोर्ट में पेश किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। बता दें कि सरकारी धन के गबन के मामले प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी सामने आ चुके हैं। टिहरी और नरेंद्रनगर के कोषाकार में दो करोड़ 42 लाख के गबन का मामला सामने आ चुका है। जिसमें 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इसी तरह उत्तरकाशी के कोषागार में भी सरकारी धन को ठिकाने लगाया गया। यहां एक तत्कालीन सहायक कोषाधिकारी समेत तीन कर्मचारियों पर करीब 42 लाख रुपये के गबन का आरोप है।