उत्तराखंड: दिव्यांग मां को कांवड़ में बिठाकर गंगाजल लेने पहुंचे 21वीं सदी के श्रवण कुमार

इन दिनों हम अक्सर बेटों द्वारा माता-पिता को दुत्कारे जाने की खबरें सुनते हैं, ऐसे में हरिद्वार पहुंचे इन दोनों भाइयों का मां के प्रति असीम प्रेम देख हर कोई गदगद दिखा।
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haridwar kaanwad yatra: Two brothers brought Divyang mother to Haridwar by making her sit in Kanwar
Image: Two brothers brought Divyang mother to Haridwar by making her sit in Kanwar

हरिद्वार: हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के लिए आए दो भाइयों की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का खूब ध्यान खींच रही है। इसके पीछे की वजह बेहद भावुक कर देने वाली है। दरअसल यह दोनों भाई अपने कंधों पर कांवड़ में अपनी दिव्यांग मां को लेकर गंगा जल लेने हरिद्वार आए हैं। हरिद्वार पहुंचने के लिए उन्होंने कई किलोमीटर का रास्ता पैदल तय किया। इन दिनों हम अक्सर बेटों द्वारा माता-पिता को दुत्कारे जाने की खबरें सुनते हैं, ऐसे में हरिद्वार पहुंचे इन दोनों भाइयों का मां के प्रति असीम प्रेम देख हर कोई गदगद दिखा। लोग इन्हें 21वीं सदी का श्रवण कुमार कह रहे हैं। इनकी मां दिव्यांग है, ऐसे में वो खुद चलकर हरिद्वार नहीं पहुंच सकती थी। मां की परेशानी को समझते हुए ये दोनों भाई बिजनौर के गांव से कांवड़ में अपनी मां को बैठाकर पैदल हरिद्वार आए।

हर की पैड़ी से गंगा जल भरकर वापस अपने गांव के शिवालय के लिए पैदल ही गए। जहां एक ओर आधुनिक दौर में रिश्तों की डोर कमजोर हो रही है और बच्चे बुजुर्ग माता-पिता को बोझ समझने लगे हैं, वहां हरिद्वार से आई ये तस्वीर वाकई सुकून देने वाली है। बिजनौर के इन दोनों भाइयों को लोग आधुनिक युग का श्रवण कुमार कह रहे हैं। प्रदेश के दूसरे शहरों की तरह हरिद्वार में भी महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। यहां कांवड़ मेले में लाखों लोग अपने कंधों पर कांवड़ लिए गंगाजल लेने पहुंचे। हर कोई भोले की भक्ति में लीन दिख रहा है। भोले शंकर की ससुराल दक्ष नगरी कनखल में शिवरात्रि की धूम है। कनखल के पौराणिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर समेत हरिद्वार के अन्य शिवालयों में शिव भक्त और कांवड़िए शिव का जलाभिषेक करने के लिए पहुंच रहे हैं।