उत्तराखंड: क्या दोबारा चुनाव लड़ेंगे पुष्कर सिंह धामी? जानिए अब कैसे बनेंगे CM

अगर बीजेपी आलाकमान उनके नाम पर सहमति जताता है…तो Pushkar Singh Dhami ऐसे बन सकते हैं सीएम
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pushkar singh dhami: What is the option of Pushkar Singh Dhami to become CM
Image: What is the option of Pushkar Singh Dhami to become CM

खटीमा: अगर Pushkar Singh Dhami को लेकर बड़ा फैसला होता है यानी अगर बीजेपी आलाकमान उनके नाम पर सहमति जताता है…तो धामी ऐसे बन सकते हैं सीएम..पुष्कर सिंह धामी के पास ये विकल्प है कि 6 महीने के अंदर चुनाव लड़ें। चुनाव जीतकर वो विधानसभा की सदस्यता ले सकते हैं। दरअसल हम आपको इसलिए ये बात बता रहे हैं क्योंकि बीजेपी के कुछ विधायक धामी के लिए अपनी छोड़ना चाहते हैं। साल 2014 का वक्त आपको याद होगा, जब हरीश रावत मुख्यमंत्री बने तो उनके लिए धारचूला विधायक हरीश धामी ने सीट खाली की थी। इसके बाद धारचूला से चुनाव जीतकर हरीश रावत सीएम बने थे। इस बीच इस बार के चुनाव में एक दिलचस्प बात देखने को मिली। सीएम धामी अपनी सीट खटीमा से चुनाव हारे तो भी उनके सीएम बनने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। चर्चाओं को बल तब मिला जब चम्पावत से चुनाव जीते विधायक कैलाश गहतौड़ी ने धामी के लिए सीट खाली करने की पेशकश की। इसे आप बंगाल चुनाव से भी जोड़कर देख सकते हैं। ये भी तर्क दिया जा रहा कि जिस तरह से बंगाल में TMC ने चुनाव हारने के बाद भी ममता बनर्जी को ही अपना नेता चुना, उसी तरह का प्रयोग बीजेपी उत्तराखंड में कर सकती है। आगे पढ़िए

बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय का बयान धामी की दावेदारी को मजबूत करता है। उनका कहना था कि-भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी है। विधायक दल अपना नेता चुनेगा और फिर संसदीय बोर्ड इस पर मुहर लगाएगा। ऐसे में अभी कोई यह कहने की स्थिति में नही है कि कौन मुख्यमंत्री होगा। जहां तक पुष्कर सिंह धामी की बात है तो वह हमारे महत्वपूर्ण नेता हैं। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में बीजेपी ने 47 सीटें जीतकर तमाम मिथक तोड़ दिए। मिथक ये भी था कि यहां सरकार रिपीट नहीं होती। इस तरह से धामी बीजेपी आलाकमान की आंखों का तारा हैं। आखिरी फैसला विधायक दल की बैठक में ही होगा। इस बात की प्रबल संभावनाएं हैं कि धामी को रिपीट किया जा सकता है।