Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड में बीजेपी ने इतिहास रचते हुए सत्ता में दोबारा वापसी कर ली, लेकिन मुख्यमंत्री कौन बनेगा ये अब तक तय नहीं हुआ है। एक तरफ नए मुखिया के नाम पर मंथन जारी है तो वहीं बीजेपी प्रदेश संगठन में बदलाव की चर्चाएं भी तेज हो गई है। अगर वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को सरकार में जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो एक पद के सिद्धांत पर अमल करते हुए प्रदेश अध्यक्ष किसी और को बनाया जा सकता है। बीजेपी सरकार में पिछले साल मार्च में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद प्रदेश बीजेपी के नेतृत्व में भी बदलाव किया गया था। तब प्रदेश अध्यक्ष रहे बंशीधर भगत को सरकार में मंत्री बनाया गया। भगत की जगह प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मदन कौशिक को दी गई। अब राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। विधानसभा प्रभारी मुकेश सिंघल ने इसके आदेश की अधिसूचना जारी कर दी है । आदेश 14 मार्च सोमवार को जारी किया गया है। अब माना जा रहा है कि अब मदन कौशिक को नई जिम्मेदारी दिए जाने की तैयारी है। ऐसा होता है तो नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना तय है।
बीजेपी में मुख्यमंत्री के नाम के साथ-साथ नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर भी मंथन चल रहा है। अगले साल राज्य में नगर निकाय चुनाव होने हैं। फिर साल 2024 में लोकसभा चुनाव होगा। इसे देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष के चयन के दौरान चुनाव के गणित को भी ध्यान में रखना होगा। राज्य में नई सरकार के शपथ लेने के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल नए मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन मंत्रिमंडल में जगह बनाने के लिए विधायकों के बीच खींचतान शुरू हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भी कई दावेदार जोर आजमाईश कर रहे हैं। इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तो चलती रहती हैं। हालांकि मुख्यमंत्री किसे बनना है और किसे क्या जिम्मेदारी दी जाएगी, यह केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा।