उत्तराखंड में खुलने जा रहा है देश का सबसे रोमांचकारी रास्ता, जानिए इसका दशकों पुराना इतिहास

Uttarakhand Uttarkashi Gartangali Track एक प्राचीन व्यापार मार्ग है। जिससे भारत और तिब्बत के बीच व्यापार हुआ करता था।
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Uttarakhand Uttarkashi Gartangali Track : Uttarakhand Uttarkashi Gartangali Track Route Map and All Details
Image: Uttarakhand Uttarkashi Gartangali Track Route Map and All Details

उत्तरकाशी: ऐतिहासिक गरतांग गली के रोमांचक सफर के लिए तैयार हो जाइए। उत्तरकाशी स्थित गरतांग गली और गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान 1 अप्रैल से पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे।

Uttarakhand Uttarkashi Gartangali Track

गरतांग गली ऐतिहासिक पुल है, जो कि लकड़ी से बना है। एक साल पहले मरम्मत के लिए इस पुल को बंद कर दिया गया था। तब से पर्यटक गरतांग गली के खुलने का इंतजार कर रहे थे, और ये इंतजार बस खत्म ही होने वाला है। बता दें कि गरतांग गली भारत और तिब्बत के बीच का सबसे पुराना व्यापार मार्ग है, जहां से खानाबदोश (भोटिया जनजाति) अपने माल को याक पर लेकर व्यापार के लिए आते थे। इसे पेशावर पठानों द्वारा गढ़वाल के पूर्ववर्ती साम्राज्य के शासन के दौरान बनाया गया था। समय की मार से ये पुल क्षतिग्रस्त और अनुपयोगी हो गया था। 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद इस पर आवाजाही बंद हो गई थी, लेकिन पिछले साल नवीनीकरण कार्य के बाद इसे जनता के लिए फिर से खोल दिया गया।

गरतांग गली के साथ गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान को भी 1 अप्रैल से पर्यटकों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा। जो पर्यटक यहां आना चाहते हैं वो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, या फिर मौके पर पहुंचकर पंजीकरण कर सकते हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी गंगोत्री प्रताप पंवार ने कहा कि एक बार में केवल दस आगंतुकों को एक-दूसरे से एक मीटर की दूरी पर गरतांग गली वुडन ब्रिज पर चलने की अनुमति होगी और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पुल पर कूदना या नृत्य करना सख्त वर्जित होगा। घरेलू पर्यटकों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 150 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 600 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित की गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन swstourismuki.com पर किया जा सकता है। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के उप निदेशक रंगनाथ पांडे ने कहा कि Uttarkashi Gartangali Track के जीर्णोद्धार का काम पिछले साल किया गया था और अगर जरूरी हुआ तो अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट जमा करने के बाद मरम्मत के अन्य काम कराए जाएंगे।