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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में गुलदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वन अधिकारियों के मुताबिक गुलदार की मौत आपसी संघर्ष के दौरान हुई लगती है।
घटना रानीखेत के खिरखेत क्षेत्र की है। जहां एक गुलदार मृत अवस्था में मिला। गुलदार के शरीर पर चोट के गहरे निशान मिले हैं। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि गुलदार का पेट फट गया था। अंदेशा है कि आपसी संघर्ष में ज्यादा खून बह जाने और गहरी चोट के चलते गुलदार की जान चली गई। मरने वाले गुलदार की उम्र सात से आठ माह बताई जा रही है। उसका सीना भी खून से लथपथ था। क्षेत्र में जंगली सूअर से जबरदस्त भिड़ंत की संभावनाओं के बीच मानव-वन्यजीव टकराव की चर्चाएं भी हैं। घटना मंगलवार की है। जालली मासी रोड पर झलोड़ी से कुछ आगे एक गुलदार सड़क पर पड़ा दिखाई दिया।
गुलदार को देखकर ग्रामीण बुरी तरह डर गए। ग्रामीणों के हो-हल्ला करने के बाद भी गुलदार के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। जिसके बाद ग्रामीण हिम्मत जुटाकर करीब पहुंचे, मगर मौके के हालात देखकर वह सन्न रह गए। गुलदार का पेट फटा हुआ था। ग्रामीणों ने इस बारे में तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। वन क्षेत्राधिकारी हरीश टम्टा ने कहा कि गुलदार की मौत आपसी संघर्ष का नतीजा जान पड़ती है। किसी बड़े गुलदार के नाखूनों या जंगली सूअर के ताबड़तोड़ प्रहार को वह झेल नहीं सका और मौके पर ही दम तोड़ दिया। गुलदार के पेट पर नाखून से हमला किए जाने जैसे निशान हैं। वन अधिकारियों ने घटना में मानव-वन्यजीव टकराव की संभावनाओं से इनकार किया है। गुलदार का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा