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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हल्द्वानी: उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मानवीय बस्तियों में भी अब जंगली जानवरों का दबदबा देखने को मिल रहा है जिस वजह से ग्रामीण दहशत में जीने पर मजबूर हैं। अब तक जंगली जानवर कई मासूमों को अपना शिकार बना चुके हैं मगर उसके बावजूद भी इसकी और कोई भी सख्त कदम लेता हुआ नजर नहीं आ रहा है।
ताजा मामला हल्द्वानी से सामने आ रहा है। यहां पर एक गुलदार ने जंगल में घास काटने गई महिला को मौत के घाट उतार दिया है। चिंताजनक बात यह है कि तीसरे महा में गुलदार का यह तीसरा शिकार है। इससे पहले गुलदार गांव के दो और लोगों की जान भी ले चुका है मगर उसके बावजूद भी वन विभाग कोई एक्शन नहीं ले रहा है। ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को गुलदार से निजात पाने की गुहार लगाई है मगर वन विभाग के लापरवाह रवैए की वजह से लगातार ग्रामीणों की जान जा रही है। अब हल्द्वानी के फतेहपुर रेंजर अंतर्गत काठगोदाम से लगे भडयूनी गांव में जंगल घास लेने गई महिला को गुलदार ने निवाला बना लिया है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। बता दें कि इस क्षेत्र में गुलदार पिछले 3 माह के भीतर तीन ग्रामीणों को निवाला बना चुका है।
हल्द्वानी के फतेहपुर रेंज में गुलदार ने 60 वर्षीय धनुली देवी को निवाला बना लिया। धनुली देवी भडयूनी गांव की रहने वाली थीं। धनुली देवी अपनी बहू के साथ जंगल में जानवरों के लिए चारा लेने गई हुई थी। इसी दौरान गुलदार ने वृद्धा पर हमला कर दिया। गुलदार ने धनुली देवी को निशाना तब बनाया जब उनकी बहू पत्ते काटने के लिए पेड़ पर चढ़ी थीं और धनुली देवी पेड़ के नीचे से पत्ते इकट्ठे कर रही थीं। धनुली देवी की मौके पर ही मौत हो गईं। इस पूरे हादसे के बाद से ही ग्रामीणों के बीच में आक्रोश साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि जंगलों से लगे गांव के लोग दहशत में हैं और बार-बार वन विभाग से उचित कार्यवाही की मांग करते आ रहे हैं। बावजूद इसके पिछले 3 महीनों से 3 लोगों की जान लेने वाले गुलदार तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंच पाई है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फतहपुर रेंज में गुलदार को ट्रेक करने के लिए 60 कैमरे लगाए गए हैं और क्षेत्र में निरंतर गश्त जारी है मगर गुलदार अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है।