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चम्पावत: ये पहला मौका है जब कोई मुख्यमंत्री चंपावत स्थित मां पूर्णागिरि धाम पहुंचकर माथा टेका। जी हां पुष्कर सिंह धामी के चंपावत जाने के साथ ही चर्चाएं शुरु हो गई हैं कि सीएम चंपावत से चुनाव लड़ सकते हैं।
इसके पीछे कई वजह भी हैं। जब धामी खटीमा से चुनाव हारे थए और राज्य में बीजेपी सरकार आई, तो चंपावत विधायक कैलाश गहतोड़ी ने धामी के लिए चंपावत सीट खाली करने की बात कही थी। अब सीएम धामी चंपावत गए और पूर्णागिरी धाम जाने वाले राज्य के पहले सीएम बन गए..चंपावत दौरा कई मायनों में अहम है। कैलाश गहतोड़ी पहले ही सीट खाली करने की बात कह चुके हैं। इस बीच सीएम ने चंपावत में कई घोषणाएं की। उन्होंने पूर्णागिरी मंदिर हेतु लादीगाढ़ से पूर्णागिरी मंदिर तक लिफ्ट पेयजल योजना हेतु 4 करोड़ रुपए स्वीकृत हो जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को नंबर वन बनाए जाने पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को आगे ले जाने के लिए हमारी सरकार ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। पूरे रोड मैप के अनुसार कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरी धाम भारत का प्रसिद्ध धाम है, यहां देश के कोने कोने से श्रृद्धालु आते हैं। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहां श्रृद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा की संचार सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इस दौरान चंपावत विधायक कैलाश गहतोड़ी भी मौजूद थे। राजनीतिक हलकों में सीएम के चंपावत जाने का ये ही मतलब निकाला जा रहा है कि वो यहां से चुनाव लड़ सकते हैं।