cabinet minister prem chand पर स्पीकर रहते मतदाताओं को 5 करोड़ रुपये बांटने का आरोप लगा है। ये धनराशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से बांटी गई।
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कोमल नेगी
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Image: cabinet minister prem chand agrawal 5 crore case high court sent notice
ऋषिकेश: धामी सरकार में नए-नए मंत्री बने कैबिनेट मिनिस्टर प्रेमचंद अग्रवाल एक मुश्किल में फंसते दिख रहे हैं।
cabinet minister prem chand agrawal 5 crore case
प्रेमचंद अग्रवाल पर पूर्व सरकार में स्पीकर रहते मतदाताओं को 5 करोड़ रुपये बांटने का आरोप लगा है। मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस पूरे मामले में तमाम पक्षों से जवाब मांगा है। वोटरों को करोड़ों बांटने के आरोप में कोर्ट ने प्रेमचंद अग्रवाल को नोटिस भेजा है। हाईकोर्ट ने आचार संहिता के दौरान विवेकाधीन कोष से 5 करोड़ रुपये बांटे जाने के मामले में ये नोटिस दिया है। इस मामले में ऋषिकेश के कनक धनई ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। जिसमें उन्होंने कहा कि तत्कालीन स्पीकर प्रेमचंदअग्रवाल ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान विवेकाधीन राहत कोष से 5 करोड़ की धनराशि निकालकर बांटी, जो कि गलत था। ये धनराशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से बांटी गई।
डिमांड ड्राफ्ट पर 3 और 9 फरवरी की तारीख दर्ज है। याचिकाकर्ता ने कुछ डिमांड ड्राफ्ट के सबूत भी याचिका में लगाए। साथ ही मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर अग्रवाल का चुनाव निरस्त किया जाए। इस मामले में कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को नोटिस भेजा है। साथ ही उत्तराखंड सरकार, चुनाव आयोग, सचिव विधानसभा, डीएम, एसडीएम सहित कोषाधिकारी को भी नोटिस थमाकर 6 हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई 25 मई को होगी। बता दें कि फरवरी में संपन्न हुए चुनाव में प्रेमचंद अग्रवाल ने कांग्रेस के जयेंद्र चंद रमोला को 19000 से ज्यादा वोटों से हराकर चुनाव जीता था। अब cabinet minister prem chand agrawal पर चुनाव के दौरान 5 करोड़ से ज्यादा पैसा विवेकाधीन कोष से बांटने का आरोप लगा है।