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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: प्रदेश सरकार में नए-नए मंत्री बने गणेश जोशी आरामतलब अफसरों के लिए दहशत का दूसरा नाम बन गए हैं।
कृषि महकमा संभालने वाले गणेश जोशी लापरवाह कार्मिकों की खूब खबर ले रहे हैं। कुछ अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी हुई है। इसी कड़ी में अब अटैचमेंट के नाम पर वर्षो से सुगम स्थानों के दफ्तरों में डटे कृषि विभाग के कार्मिकों पर भी मंत्री जी की नजर टेड़ी हो गई है। कृषि मंत्री गणेश जोशी के सख्त निर्देश पर कृषि निदेशक गौरीशंकर ने 45 से ज्यादा अफसर और कर्मचारियों के अटैचमेंट निरस्त कर दिए। बीते रोज विभागीय समीक्षा करते हुए जोशी ने उद्यान और कृषि विभाग मे सभी अटैचमेंट तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए थे। मंत्री के निर्देश के तुरंत बाद उद्यान निदेशक ने सभी अटैचमेंट निरस्त करते हुए कर्मियों को मूल तैनाती स्थल भेजने का आदेश जारी कर दिया था।
अब कृषि निदेशक ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। कृषि निदेशक ने बताया कि विभिन्न दफ्तरों में 45 से ज्यादा कार्मिक अटैच हैं। सभी को लौटने के आदेश दे दिए गए हैं। हालांकि जो कर्मचारी गंभीर रूप से बीमार हैं और अटैचमेंट पर तैनात हैं, उन्हें राहत दी गई है। कृषि निदेशक ने बताया कि ऐसे कार्मिकों को मेडिकल बोर्ड के प्रमाणपत्र के साथ अपनी बात रखने का मौका अवश्य मिलेगा। फिलहाल सभी को मूल तैनाती पर ज्वाइन करना होगा। कुल मिलाकर नई सरकार के मंत्रियों ने अफसरों के पेंच कसने शुरू कर दिए हैं। बीते दिनों वन मंत्री सुबोध उनियाल ने दो सीनियर अफसरों के जबरन रिटायरमेंट की संस्तुति कर डाली। जबकि परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने पिछले दिनों अफसरों के रोडवेज के चार डिपो के विलय के फैसले को 24 घंटे के भीतर ही रोक दिया था।