Uttarakhand News: उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी पेट्रोल बचत का संदेश देने के लिए स्कूटी से निकले, लेकिन मामले की सच्चाई सामने आते ही सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Minister Ganesh Joshi Scooter Ride Sparks Controversy
देहरादून: उत्तराखंड के कृषि मंत्री Ganesh Joshi की एक पहल इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। पेट्रोल बचत का संदेश देने के उद्देश्य से उन्होंने गढ़ी कैंट में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद सरकारी वाहन का इस्तेमाल न करते हुए स्कूटी से अपने आवास तक जाने का फैसला किया। मंत्री की इस पहल को शुरुआत में लोगों ने सादगी और ईंधन बचत से जोड़कर देखा, लेकिन बाद में सामने आई जानकारी ने पूरे मामले को विवादों में ला दिया।
Minister Ganesh Joshi's Scooter Ride Sparks Controversy
जानकारी के अनुसार जिस स्कूटी पर मंत्री गणेश जोशी सवार होकर गए थे, उसके दस्तावेज वैध नहीं पाए गए। स्कूटी का इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) दोनों की अवधि समाप्त हो चुकी थी। यानी जिस वाहन से मंत्री लोगों को पेट्रोल बचाने का संदेश दे रहे थे, वह खुद यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहा था। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, मामला तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पीछे चलता रहा सरकारी वाहन
मामले को लेकर एक और बात चर्चा में रही कि स्कूटी के पीछे मंत्री का सरकारी वाहन भी चल रहा था। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि यदि सुरक्षा और सरकारी वाहन साथ ही चल रहा था तो फिर स्कूटी से जाने का संदेश कितना प्रभावी माना जाए। वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे दिखावा बताया तो कुछ ने मंत्री की पहल की सराहना भी की। आगे पढ़िए..
स्टाफ ने खुद मांगा जुर्माना लगाने का अनुरोध
बाद में जानकारी मिली कि स्कूटी मंत्री के स्टाफ सदस्य की थी। स्कूटी के दस्तावेज एक्सपायर होने की बात सामने आने के बाद संबंधित स्टाफ सदस्य ने एसएसपी को पत्र लिखकर नियमों के उल्लंघन पर जो भी जुर्माना बनता है, उसे लगाने का अनुरोध किया है। इस कदम को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है और लोग इसे जिम्मेदारी स्वीकार करने के तौर पर देख रहे हैं।
आगे भी करेंगे दोपहिया वाहन का इस्तेमाल
विवाद के बाद मंत्री Ganesh Joshi ने कहा कि वह आगे भी छोटी दूरी के लिए दोपहिया वाहन का इस्तेमाल करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग किया जाएगा, लेकिन काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम करने की कोशिश की जाएगी। मंत्री का कहना है कि ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करना जरूरी है और वह इस दिशा में आगे भी प्रयास जारी रखेंगे।