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देहरादून: प्रदेश के सरकारी स्कूलों के हाल किसी से छिपे नहीं हैं। शिक्षा के घटते स्तर और सुविधाओं के अभाव के चलते सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घट रही है। कई स्कूलों में ताला लगाने की नौबत आ चुकी है, लेकिन कुछ सरकारी स्कूल ऐसे भी हैं, जो मुश्किल हालात में नजीर बनकर उभरे हैं।
देहरादून के रायपुर में स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल ऐसे ही स्कूलों में एक है। देहरादून के इस सरकारी स्कूल को बदलने के लिए शिक्षक विशेष मेहनत कर रहे हैं। नतीजतन अब प्राइवेट स्कूलों के बच्चे भी इस सरकारी स्कूल में एडमिशन लेने लगे हैं। शिक्षा महानिदेशक वंशीधर तिवारी ने स्कूल के शिक्षकों की मेहनत को सराहा। उन्होंने कहा कि इस बार नए सत्र में 20 नए बच्चों ने स्कूल में एडमिशन लिया है। आगे पढ़िए
ये सभी बच्चे अलग-अलग प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे थे। स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है। यहां प्राथमिक कक्षाओं में कुल छात्रों की संख्या भी अब 56 हो गई है। शिक्षा महानिदेशक वंशीधर तिवारी ने बताया कि जल्द ही स्कूल के पुराने हो चुके भवन को ठीक कराया जाएगा। शिक्षा के स्तर में सुधार और सुविधाओं के विस्तार पर हमारा विशेष फोकस है। हमारा प्रयास रहता है कि समय-समय पर स्कूलों में जाकर उनका निरीक्षण करने के साथ ही शिक्षकों को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करें। अगर शिक्षक चाहें तो सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा दोनों सुधारी जा सकती हैं। प्रदेश में ऐसे कई सरकारी स्कूल हैं, जो शिक्षकों की मेहनत के दम पर आज प्राइवेट स्कूलों को कड़ी टक्कर देते नजर आते हैं।