उत्तराखंड में चारधाम महामार्ग सुरक्षा कवच प्रोजक्ट, 160 करोड़ रुपये होंगे खर्च..जानिए खास बातें

चारधाम यात्रा सुविधाजनक होने के साथ ही सुरक्षित भी बनेगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए Char Dham Suraksha Kavach Project बनाया है।
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Uttarakhand Char Dham Suraksha Kavach Project: Uttarakhand Char Dham Suraksha Kavach Project
Image: Uttarakhand Char Dham Suraksha Kavach Project

चमोली: चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ है। अब यह यात्रा सुविधाजनक होने के साथ ही सुरक्षित भी बनेगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए विशेष परियोजना बनाई है।

Char Dham Suraksha Kavach Project

इसके तहत सरकार चारधाम महामार्ग परियोजना के लिए सुरक्षा कवच बनाने की तैयारी कर रही है। परियोजना पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के परियोजना प्रबंधन परामर्श (पीएमसी) की टीम ने इस सुरक्षा कवच का प्रस्ताव तैयार किया है। पीएमसी की टीम जल्द ही उत्तराखंड आएगी और एक बैठक करेगी। मंत्रालय के अपर सचिव अमित कुमार घोष ने इस संबंध में प्रमुख सचिव (लोनिवि) आरके सुधांशु को पत्र लिखा है। चारधाम सुरक्षा कवच योजना से गृह विभाग, मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य आपदा मोचन बल और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देहरादून को जोड़ा जाएगा। बता दें कि ऑलवेदर रोड बनने से चारधाम की यात्रा सुगम तो हुई है, लेकिन एक्सीडेंट का खतरा बरकरार है।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर साल औसतन 700 से 800 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें 500 से 600 लोग मारे जाते हैं। उत्तराखंड में 2,091 किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। इसमें चारधाम महामार्ग परियोजना भी शामिल है, जो 889 किमी की प्रस्तावित है। भूस्खलन के अलावा खराब मौसम के समय एक्सीडेंट की ज्यादा संभावना रहती है। इन हादसों को रोकने के लिए ऋषिकेश में चारधाम यातायात आपातकालीन घटना प्रबंधन प्रणाली का केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा। जिला मुख्यालयों पर Uttarakhand Char Dham Suraksha Kavach Project कंट्रोल रूम स्थापित करने की योजना है। इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रभावी और रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। प्रमुख सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने बताया कि परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय चारधाम यातायात आपातकालीन घटना प्रबंधन प्रणाली का एक कांसेप्ट नोट तैयार कर रहा है। इस पर जल्द ही राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक होगी।