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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
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रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा को लेकर देश-दुनिया के तीर्थ यात्रियों में खूब उत्साह है। कोरोना की पाबंदियां भी हट गई हैं, ऐसे में इस साल लाखों तीर्थयात्रियों के चारधाम यात्रा पर पहुंचने की उम्मीद है।
पर्यटन विभाग ने भी तैयारी पूरी कर ली है। यात्रा के लिए पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है। अब तक 40 हजार से अधिक यात्री पंजीकरण कर चुके हैं। लोग बड़ी तादाद में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। ऐसे में चारधामों में उमड़ने वाली भीड़ का अंदाजा आसानी लगाया जा सकता है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल पर्यटन विभाग ने चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों के पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की है। 3 मई को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। इसी के साथ चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। 6 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने हैं। जबकि 8 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट विधि विधान से खुलेंगे।
बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा करने के लिए यात्री विभाग की वेबसाइट registrationtouristcare.uk.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद यात्री को क्यूआर कोड भी मिलेगा। जिससे यह पता लग सकेगा कि रजिस्ट्रेशन करने वाले यात्री ने दर्शन किए हैं या नहीं। इस व्यवस्था से यात्रियों के बारे में पूरी जानकारी रहेगी। अपर निदेशक पर्यटन विवेक चौहान ने बताया कि चारधाम यात्रा पर आने के लिए अब तक 40 हजार से अधिक यात्री अपना पंजीकरण कर चुके हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हमारा प्रयास है कि यात्रा सरल और सुगम हो। चारधाम की केयरिंग क्षमता के अनुसार ही यात्री जाएंगे। इसके लिए चारधामों में व्यवस्था की जा रही है। हमारी कोशिश है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री प्रदेश के अन्य मंदिरों में भी जाएं। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए Uttarakhand Char Dham Yatra Registration की व्यवस्था शुरू की गई है।