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उत्तरकाशी: कैंसर...एक ऐसी घातक बीमारी जो इंसान को सिर्फ शारीरिक ही नहीं मानसिक रूप से भी तोड़ कर रख देती है। मरीज के साथ-साथ पूरा परिवार जिस डर और पीड़ा से गुजरता है, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता।
आज हम आपको उत्तराखंड के एक ऐसे बच्चे के बारे में बताएंगे जिसने कैंसर जैसी बीमारी से हंसते-हंसते जंग जीती और इसे हराकर दूसरों को हिम्मत देने का काम किया। हम बात कर रहे हैं उत्तरकाशी के नौगांव में रहने वाले गोलू कुमार की। बुधवार को जब कक्षा 7 में पढ़ने वाला गोलू कैंसर को हराने के बाद अपने विद्यालय राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भौंती पहुंचा तो विद्यालय परिवार ने उसका चैंपियन की तरह जोरदार स्वागत किया, उसका हौसला बढ़ाया। गोलू अभी सिर्फ 12 साल का है। उसका परिवार नौगांव के भौंती गांव में रहता है। पिछले साल गोलू की तबीयत बिगड़ गई थी। जांच हुई तो पता चला कि उसे कैंसर है। 15 नवंबर 2021 को उसे जौलीग्रांट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। 5 महीने तक गोलू कैंसर से लड़ता रहा और आखिरकार बीमारी से जंग जीतने में कामयाब रहा।
बुधवार को कैंसर को मात देने के बाद जब गोलू स्कूल पहुंचा तो उसके दोस्त और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ ताली बजाकर गोलू का स्वागत एवं अभिवादन किया। गोलू को स्वस्थ देखकर स्कूल के शिक्षक और छात्र बेहद खुश नजर आए। गोलू कुमार बेहद गरीब परिवार से है। पिता खजान लाल और मां सोना देवी ने आयुष्मान कार्ड और ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह बच्चे का इलाज करवाया। इस दौरान परिवार पर कर्जा भी हो गया। यह परिवार परेशान जरूर है, लेकिन उन्हें कैंसर को मात देने वाले अपने बहादुर बेटे पर गर्व भी हैं। गांव के प्रधान विजय पाल सिंह ने बताया कि गोलू को अभी इलाज के लिए लगातार जौलीग्रांट अस्पताल जाना पड़ रहा है। जिसके लिए परिवार को आर्थिक मदद की जरूरत है। उन्होंने क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों से गोलू के परिवार की आर्थिक मदद करने की अपील की।