चंपावत में CM धामी को हराने के लिए कांग्रेस ने तैयार की रणनीति, जानिए क्या है प्लान

Champawat के by-election में सीएम Pushkar Singh Dhami को हराने के लिए रणनीति बना रही है कांग्रेस, युवाओं के ऊपर कर रही है फोकस
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pushkar singh dhami champawat seat election : Pushkar Singh Dhami Champawat Assembly Elections congress plan
Image: Pushkar Singh Dhami Champawat Assembly Elections congress plan

चम्पावत: हाल ही में उत्तराखंड में चुनाव संपन्न हुए और भारतीय जनता पार्टी ने दोबारा से ऐतिहासिक जीत हासिल की। मगर भाजपा को एक बड़ा झटका तब लगा जब सीएम उम्मीदवार पुष्कर सिंह धामी खुद अपनी सीट खटीमा से बुरी तरह चुनाव हार गए और उनको हराने वाला और कोई नहीं बल्कि कांग्रेस का ही प्रत्याशी था। हालांकि भाजपा ने उनके ऊपर भरोसा जताते हुए सीएम धामी को एक बार फिर से उत्तराखंड का सीएम घोषित किया। मगर नियम के मुताबिक सीएम धामी को एक बार फिर से उप चुनाव लड़कर जीत हासिल करनी होगी। भाजपा हाईकमान ने सीएम धामी को चंपावत से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। सूत्रों की मानें तो सीएम धामी स्वयं भी चंपावत से चुनाव लड़ना चाहते थे और इस बात के उन्होंने कई संकेत भी दिए थे और अब भाजपा सीएम धामी को चंपावत से उपचुनाव लड़वाने की तैयारियां कर रही है।

Champawat Assembly Elections cngress Masterplan

वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टी यानी कि कांग्रेस सीएम धामी को हराने के लिए राजनीति बना रही है। चंपावत उपचुनाव में सीएम पुष्कर सिंह धामी को हराने और 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए जमीन तैयार करने का काम करेगी यूथ कांग्रेस। इसके लिए प्रदेश भर में " यंग इंडिया के बोल ' कार्यक्रम भी चलाया जाएगा जिसमें युवा समसामयिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रख सकेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ही रहेगा युवाओं का बेबाकी और बिना हिचकिचाहट के तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखना। इसी के साथ में कांग्रेस इन्हीं युवाओं में कुछ बेहतरीन वक्ताओं की भी तलाश करेगी जो कि प्रदेश में कांग्रेस के प्रचार प्रसार का काम करेंगे।

इस बार के चुनावों में कांग्रेस ने बुरी तरह हार कर जो बड़ी सीख ली है वह यह है कि उत्तराखंड की जनता में अधिकांश युवा वोटर्स हैं जो कि युवा प्रत्याशी को ही पसंद करते हैं। उनकी पहली पसंद हमेशा से ही एक ऐसा युवा नेता रहा है जो कि उत्तराखंड के विकास और पहाड़ों के विकास की ओर काम कर सके। इसी का फायदा भारतीय जनता पार्टी उठा ले गई और सीएम धामी उत्तराखंड के यूथ की पहली पसंद बन गए। कांग्रेस को भले ही यह देर से समझ में आया है मगर यह समझ में जरूर आ गया है कि अगर कांग्रेस की कोई नैया पार लगा सकता है तो वह है उत्तराखंड के युवा और अब कांग्रेस उन्हीं युवाओं के ऊपर फोकस कर यूथ कांग्रेस के जरिए उत्तराखंड में कांग्रेस का प्रचार प्रसार करेगी और सीएम धामी को भी उपचुनावों में हराने के लिए रणनीति तैयार करेगी। बीते दिनों हल्द्वानी में पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने यूथ कांग्रेस के ' " यंग इंडिया के बोल " कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित भुल्लर ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिलों में जाकर यूथ कांग्रेस विभिन्न मुद्दों पर युवाओं के बीच में वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करेगी और उत्तराखंड से जुड़े जरूरी मुद्दों पर उनके बीच चर्चा कराई जाएगी। इस कार्यक्रम के जरिए ऐसे युवाओं को तलाशा जाएगा जिनमें जनता से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने की क्षमता हो और उन्हीं युवाओं में से बेहतर वक्ताओं का चुनाव किया जाएगा।

असल मायनों में देखा जाए तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नींव मजबूत रखने की दिशा में इसे एक शानदार प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। किसी भी क्षेत्र में अगर लोगों की सोच बदलनी हो तो वहां के युवाओं की सोच बदलनी जरूरी होती है। यूथ कांग्रेस भी इसी बात को ध्यान में रखकर कांग्रेस को मजबूत करने का काम कर रही है। वहीं " यंग इंडिया के बोल " कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए यूथ कांग्रेस ने उत्तराखंड के 13 जिलों में प्रभारी और सह प्रभारी की तैनाती भी कर दी है। यूथ कांग्रेस के उत्तराखंड प्रभारी अरुणोदय सिंह परमार की ओर से संबंध में पत्र भी जारी किया गया है। अब कांग्रेस पार्टी का पूरा फोकस उत्तराखंड के युवाओं पर है जिनके ऊपर पार्टी प्रभाव डाल सकती है और उन्हीं पर कांग्रेस अपना पूरा फोकस कर रही है। इसी के साथ में कांग्रेस अपनी नींव भी मजबूत कर रही है ताकि 2024 के चुनावों में कांग्रेस जीत हासिल कर सके।