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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: सूर्यधार जलाशय निर्माण परियोजना ...पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट। कहा गया था कि इस बांध परियोजना से पेयजल और सिंचाई संबंधी समस्या दूर होगी, लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद इसमें धन के दुरुपयोग और अनियमितता की शिकायतें मिली।
इन शिकायतों पर प्रदेश के सिंचाई एवं लघु सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने एक बार फिर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सूर्यधार झील को बिना परमिशन के 7 से बढ़ाकर 10 मीटर कर दिया गया, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ हम बाढ़ सुरक्षा कार्यों की बात करते हैं और दूसरी ओर मानक और तकनीक के विपरित कार्य करते हैं। इस तरह के गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गुरुवार को सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई विभाग मुख्यालय के सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें कई मुद्दों पर बात हुई। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग में रिक्त पदों को तत्काल भरने का आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि बरसात से पहले सभी कार्य पूरे किए जाने चाहिए। समय-समय पर प्रदेश के सभी जलाशयों की मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने बताया कि टिहरी बांध प्रभावित 415 विस्थापितों के पुनर्वास के लिए धनराशि वितरण का कार्य शीघ्र किया जाएगा। सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा विगत वर्षों में किये गये कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के अलावा विभागीय समस्याओं एवं सुझाव को भी सुना। सिंचाई मंत्री ने टीएचडीसी के अधिकारियों को टिहरी झील के किनारे तार बाड़ करने के भी निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सिंचाई विभाग के एचओडी मुकेश मोहन, लघु सिंचाई के एचओडी बृजेश तिवारी समेत अन्य जिलों के सिंचाई अधिकारी मौजूद रहे।