किसी वाहन की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटे से ज्यादा मिली तो चालान कटेगा। पढ़िए Uttarakhand Char Dham Yatra 2022 Rules
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: Uttarakhand Char Dham Yatra 2022 Rules for vehicles
उत्तरकाशी: अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले। इसी के साथ चारधाम यात्रा का आगाज हो गया। पहले दिन हजारों श्रद्धालु गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के दर्शन करने पहुंचे। आने वाले दिनों में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
Uttarakhand Char Dham Yatra 2022 Rules
अगर आप भी परिवार संग चारधाम की यात्रा पर आ रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखें। तीर्थयात्रियों के वाहनों को सुबह पांच से रात आठ बजे तक ही आने-जाने दिया जाएगा। इस तरह सुबह 5 बजे से पहले वाहन चारधाम यात्रा पर नहीं जा सकेंगे, रात को 8 बजे के बाद भी यात्री वाहनों को आवाजाही की इजाजत नहीं होगी। आरटीओ (प्रवर्तन) सुनील शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों के ग्रीन कार्ड भी चेक किए जा रहे हैं। परिवहन विभाग की ओर से स्थापित चेक पोस्टों पर वाहनों का पंजीकरण करने और कागज की जांच के बाद ही यात्रा की अनुमति दी जा रही है। परिवहन मुख्यालय के निर्देश पर यात्रा मार्गों पर डामटा, तपोवन, कुठालगेट, ब्रह्मपुरी में चेक पोस्ट बनाकर वहां कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जो कि वाहनों की चेकिंग कर रहे हैं।
वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए ऋषिकेश से बदरीनाथ के बीच तीन स्थानों पर हाईवे पर इंटरसेप्टर तैनात किए गए हैं। पहला इंटरसेप्टर रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग के बीच, दूसरा रुद्रप्रयाग से बदरीनाथ धाम के बीच और तीसरा डामटा-यमुनोत्री हाईवे पर तैनात किया गया है। वाहनों की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक मिली तो चालान किया जाएगा। वाहनों और तीर्थयात्रियों की निगरानी के लिए पर्यटन विभाग ने चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं, लेकिन लिंक की व्यवस्था न होने की वजह से फिलहाल ये काम नहीं कर रहे। आरटीओ सुनील शर्मा ने बताया कि लिंक मिलते ही सीसीटीवी कैमरे चालू हो जाएंगे। इसलिए आप भी Uttarakhand Char Dham Yatra 2022 Rules का पालन करें। कोरोना महामारी के कारण बीते दो साल के बाद चारधाम यात्रा पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही है। इस बार चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ऐसे में चारधामों में ठहरने, स्वास्थ्य, बिजली, पानी की व्यवस्था करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।