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यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को हार्ट अटैक की वजह से बदरीनाथ-केदारनाथ समेत ऋषिकेश में सात श्रद्धालुओं की जान चली गई। मामला बेहद गंभीर है। यात्रा के दौरान होने वाली मौतों को लेकर केंद्र ने भी राज्य सरकार से सवाल पूछे थे। राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंद होने के दावे कर रही है, लेकिन मौत के बढ़ते आंकड़े हकीकत बयां करने लगे हैं। अब तक चारों धामों में 54 श्रद्धालुओं की हृदयगति रुकने से मौत हो चुकी है। बीते दिन केदारनाथ और बदरीनाथ में दो-दो श्रद्धालुओं की मौत हुई। जबकि ऋषिकेश में 3 श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है। इनमें महाराष्ट्र के तीन, गुजरात, मध्य प्रदेश और यूपी के एक-एक श्रद्धालु शामिल हैं।
केदारनाथ में महाराष्ट्र के पुणे निवासी 61 वर्षीय प्रदीप कुमार कुलकर्णी और मध्य प्रदेश के पिपलिया मंडी निवासी 57 वर्षीय बंशीलाल का शुक्रवार को निधन हो गया। बदरीनाथ धाम में महाराष्ट्र निवासी 63 वर्षीय बाला साहेब और गुजरात के उना निवासी बीना बेन (55) की जान गई। ऋषिकेश में अवधेश नारायण तिवारी (65 वर्ष), उमेश दास जोशी (58) और सौरम बाई (49) का निधन हो गया। ये श्रद्धालु अलग-अलग दलों के साथ चारधाम की यात्रा पर आए हुए थे। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। इस तरह केदारनाथ धाम में अब तक 22, बदरीनाथ धाम में दस और ऋषिकेश में 4 श्रद्धालुओं की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। चारों धामों में अब तक 54 श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से स्वस्थ होने पर ही चारधाम की यात्रा पर आने की अपील की है।