मुख्यमंत्री ने देहरादून में पूर्व प्रदेश पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी की पहली पुस्तक ‘भंवर : एक प्रेम कहानी’ का विमोचन किया।
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कोमल नेगी
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Image: CM Dhami says I am still stuck in the vortex
देहरादून: ‘भंवर हम सबके जीवन में आता है। मैं कुछ दिन पहले भंवर में फंसा था और अब भी भंवर में ही फंसा हुआ हूं’।
CM Dhami says I am still stuck in the vortex
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जैसे ही ये शब्द कहे, पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। शनिवार को मुख्यमंत्री ने देहरादून में पूर्व प्रदेश पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी की पहली पुस्तक ‘भंवर : एक प्रेम कहानी’ का विमोचन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने खुद के भंवर में फंसे होने का जिक्र भी किया, लेकिन वो चंपावत उपचुनाव पर कुछ नहीं बोले। गौरतलब है कि फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने वाले धामी खटीमा से चुनाव नहीं जीत पाए थे। हालांकि वो केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा जीतने में कामयाब रहे और दोबारा मुख्यमंत्री बन गए। 23 मार्च को उन्होंने दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। अब वो चंपावत विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उपचुनाव से पहले शनिवार को उन्होंने पूर्व पुलिस अधिकारी की पुस्तक का विमोचन किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह समझ सकते हैं कि काम और दायित्व के दबाव के बीच अपनी साहित्यिक अनुभूतियों और खुद को बचाकर रखना कितना कठिन है, लेकिन अच्छी बात यह है कि रतूड़ी एक अच्छे इंसान बने हुए हैं। एक वर्दीधारी अफसर जब प्रेमकथा लिखता है तो उसके हृदय में किस प्रकार की भावनाएं होंगी, यह रतूड़ी की पुस्तक में दिखता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पद पर तैनात उनकी आईएएस पत्नी राधा रतूड़ी का भी जिक्र किया और कहा कि ‘जहां राधा होंगी, वहां प्रेम तो होगा ही’। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने भी पुस्तक और लेखक की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने पुस्तक के नायक को आईएएस अधिकारी के पात्र में पेश किया है, जो ईमानदारी से अपने कतर्व्यों के निर्वहन के दौरान सरकारी तंत्र से जूझता है। पूर्व प्रदेश पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी की पहली पुस्तक ‘भंवर : एक प्रेम कहानी’ में उनके बचपन से लेकर अब तक के जीवन के अनुभवों और घटनाओं का जिक्र है।