चारधाम में सबसे कठिन यात्रा केदारनाथ धाम की है। इसी को ध्यान में रखकर पर्यटन विभाग पैदल मार्ग पर ऑल टेरेन व्हीकल चलाने की तैयारी कर रहा है।
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कोमल नेगी
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: All Terrain Vehicles will run between Gaurikund Kedarnath
रुद्रप्रयाग: राज्य सरकार केदारनाथ जाने वाले यात्रियों के सफर को आसान बनाने में जुटी है। इसी कड़ी में गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच एटीवी (ऑल टेरेन व्हीकल) चलाए जाने की योजना है।
Gaurikund Kedarnath All Terrain Vehicle
इस सेवा की शुरुआत के लिए पहले पैदल मार्ग की स्थिति सुधारी जाएगी। ये जानकारी पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दी। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चारधाम में सबसे कठिन यात्रा केदारनाथ धाम की है। इसी को ध्यान में रखकर पर्यटन विभाग पैदल मार्ग पर ऑल टेरेन व्हीकल चलाने की तैयारी कर रहा है। गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ के बीच ऑल टेरेन व्हीकल चलेंगे। इसके लिए पहले पैदल मार्ग को एटीवी चलाने योग्य बनाया जाएगा। पर्यटन विभाग ने योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। शीघ्र ही इसकी औपचारिकताएं पूरी कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
विभागीय मंत्री ने इस बारे में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लोनिवि शाखा के अधिशासी अभियंता से जानकारी मांगी है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बातचीत हो चुकी है। पैदल मार्ग की हालत सुधारने के बाद यहां ऑल टेरेन व्हीकल का संचालन किया जाएगा।
Gaurikund Kedarnath Ropeway
गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच रोपवे निर्माण के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सरकार यात्रियों की परेशानियां कम करने के लिए सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है। बता दें कि गौरीकुंड से केदारनाथ की दूरी 16 किलोमीटर है। वर्तमान में श्रद्धालु 16 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर धाम में पहुंचते हैं। सरकार की योजना परवान चढ़ी तो निकट भविष्य में इस रास्ते पर ऑल टेरेन व्हीकल दौड़ते नजर आएंगे, जिससे श्रद्धालुओं का सफर आसान बनेगा।