Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के चारधामों में केदारनाथ धाम की यात्रा सबसे कठिन हैं। यात्रा के दौरान अब तक कई श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं। कड़ाके की ठंड श्रद्धालुओं के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
इन तमाम परेशानियों को देखते हुए अब उत्तराखंड पर्यटन विभाग केदारनाथ को यूरोप और अमेरिका के ठंडे शहरों की तर्ज पर हॉट सिटी बनाने की तैयारी कर रहा है। योजना के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अगर योजना परवान चढ़ी तो केदारनाथ धाम में कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं को कमरे में सामान्य तापमान महसूस होगा। यहां पाइपलाइन के जरिए गर्म पानी की सप्लाई भी की जाएगी। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दुनिया में ऐसे कई शहर हैं जहां तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है। वहां जिंदगी को सामान्य बनाए रखने के लिए पूरे शहर में गर्म पानी की पाइपलाइन बिछाई जाती है।
यह पाइप लाइन कमरों को गर्म रखने के साथ घरों में गर्म पानी की सप्लाई भी करती हैं। हम केदारनाथ में भी इसी तरह की व्यवस्था बनाना चाहते हैं। पर्यटन विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जल्द ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। दरअसल केदारनाथ में कई बार तापमान काफी कम हो जाता है। इससे श्रद्धालु हाइपोथर्मिया के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को हार्ट अटैक होता है, शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं। जो कि श्रद्धालुओं की मौत की वजह बनता है। केदारनाथ में स्वास्थ्य सेवाएं देख रहे सिक्स सिग्मा के प्रभारी डॉ. प्रदीप भारद्वाज के मुताबिक केदारनाथ में यात्रियों की मौत का सबसे बड़ा कारण ठंड लगना है। हाइपोथर्मिया के बाद रोगी को बचाना काफी मुश्किल हो जाता है। उसे गर्म तापमान में रखने की जरूरत होती है। इस लिहाज से देखा जाए तो राज्य सरकार की योजना श्रद्धालुओं की जान बचाने में काफी कारगर साबित होगी। क्षेत्र में गर्म पानी की पाइप लाइन बिछेंगी तो केदारघाटी में स्थित कमरों का तापमान सामान्य रहेगा।