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रुद्रप्रयाग: कोरोना काल की पाबंदियां खत्म होने के बाद चारधाम यात्रा को लेकर यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
चारधाम यात्रा ने इस साल कई नए रिकॉर्ड बनाए, हालांकि इस दौरान यात्रा में आने वाले यात्रियों की मौत के मामले में भी दुखद रिकॉर्ड बने हैं। केदारनाथ धाम में आने वाले तीर्थयात्रियों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यहां पिछले दस साल का रिकॉर्ड टूट गया। केदारनाथ में अब तक 75 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। इससे पहले साल 2012 में 72 यात्रियों की मौत हुई थी। यह आंकड़ा केदारनाथ यात्रा के छह महीने के दौरान का है, लेकिन इस साल महज एक महीने व एक सप्ताह के भीतर मरने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 75 पहुंच गई है। वहीं ऋषिकेश समेत चारों धाम में अब तक 164 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। रविवार को यात्रा पर आई 62 वर्षीय राजकुमारी देवी का निधन हो गया।
यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान महाराष्ट्र के एक तीर्थयात्री की हृदय गति रुकने से मौत हुई है। यमुनोत्री में अब तक 38 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। ऋषिकेश से भी एक दुखद खबर आई है। यहां चारधाम यात्रा से लौट रहे मध्यप्रदेश के एक तीर्थयात्री ने हार्ट अटैक के चलते दम तोड़ दिया। मृतक का नाम रामदास रजक बताया जा रहा है। 50 वर्षीय रामदास रजक मध्यप्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले थे। बात करें केदारनाथ धाम की तो यहां पहले के मुकाबले मौसम काफी अच्छा हो गया है। तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यात्रियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके शुक्ला का कहना है कि श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य खराब होने पर स्वास्थ्य विभाग तत्परता से स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उपचार कर रहा है। इसके लिए यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक डॉक्टरों की तैनाती की गई है। अब तक ओपीडी के माध्यम से 72636 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया है।