गढ़वाल: मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बंद, अलग अलग जगह रोके गए 1 हजार यात्री

लामबगड़ में मलबा आने से हाईवे फिर बंद हो गया। ऐसे में करीब 1000 यात्रियों को यात्रा पड़ाव पांडुकेश्वर, गोविंदघाट, जोशीमठ में ही रोकना पड़ा।
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badrinath highway land slide 11 july: Landslide on Badrinath Highway July 11
Image: Landslide on Badrinath Highway July 11

चमोली: पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार जारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा भी प्रभावित हो रही है।

Landslide on Badrinath Highway

बदरीनाथ हाईवे रविवार शाम को सात बजे लामबगड़ में मलबा आने से फिर बंद हो गया। ऐसे में करीब 1000 यात्रियों को यात्रा पड़ाव पांडुकेश्वर, गोविंदघाट, जोशीमठ में ही रोकना पड़ा। बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से बार-बार बंद हो रहा है। इससे पहले बदरीनाथ हाईवे खचड़ा नाला, रड़ांग बैंड, बैनाकुली समेत कई जगहों पर बाधित था। प्रशासन ने जैसे-तैसे मलबा हटाकर रविवार को वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। जिसके बाद जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में रोके गए करीब 2500 तीर्थयात्रियों व स्थानीय श्रद्धालुओं को बदरीनाथ धाम भेजा गया। बदरीनाथ में फंसे 3 हजार श्रद्धालु भी अपने गंतव्य को रवाना हुए, लेकिन मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। आगे पढ़िए

देर शाम बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद हो गया। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ यात्रा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यात्री जगह-जगह फंसे हैं और परेशान हैं। फिलहाल उत्तराखंड में मौसम साफ होने की उम्मीद भी नहीं दिख रही। मौसम विभाग ने 13 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की बात कही है। उधर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि रविवार दोपहर तक मौसम सामान्य होने के बाद खचड़ा नाले में मलबा गिरने का सिलसिला थमा। जिसके बाद यहां जेसीबी से मलबा हटाया गया। अब लामबगड़ में हाईवे बाधित है, जिसे खोलने के प्रयास जारी हैं। शुक्रवार रात भी भारी बारिश के दौरान बदरीनाथ हाईवे रड़ांग बैंड, बैनाकुली और खचड़ा नाले में मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया था। ऐसे में यहां सैकड़ों यात्री फंस गए थे, जबकि कुछ पैदल यात्रियों को सीढ़ी लगाकर वैकल्पिक रास्ते से दूसरी ओर भेजा गया।