यात्रियों ने बताया कि फिलहाल उनके पास मोबाइल के अलावा कुछ नहीं है। आपदा में सारा सामान नष्ट हो गया, लेकिन बाबा बर्फानी के आशीर्वाद से उनकी जान बच गई।
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कोमल नेगी
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Image: 12 people of Uttarakhand Khatima were trapped in Amarnath disaster
खटीमा: अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार को आए सैलाब में कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी। कई श्रद्धालु अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
Uttarakhand 12 people were trapped in Amarnath disaster
उत्तराखंड के खटीमा के रहने वाले 12 यात्री भी अमरनाथ आपदा के दौरान वहां फंसकर रह गए थे, लेकिन राज्य सरकार की पहल से इन सभी को सुरक्षित बचा लिया गया। खटीमा के रहने वाले ये लोग आपदाग्रस्त इलाके के पास थे। इन सभी 12 लोगों को सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू कर लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मदद के बाद इन सभी को बीएसएफ बेस कैंप पहुंचाया गया है। आपदा में इनकी जान तो बच गई, लेकिन सारा सामान बह गया। बचाए गए यात्रियों में भुवन जोशी, कमान जेठी, मुकेश गुप्ता, नवीन मित्तल, अवधेश मौर्य, अनिल प्रजापति, लक्ष्मण प्रजापति, अंकुर गुप्ता, सत्यनारायण अग्रवाल, राजेश कुमार, नरेन्द्र चन्द्र, यतेन्द्र गुम्बर हनी और राहुल सक्सेना शामिल हैं। आगे पढ़िए
खटीमा के भुवन जोशी और झनकट निवासी कमान जेठी ने बताया कि उन लोगों ने नानकमत्ता के पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा और सीएम कार्यालय को खटीमा के यात्रियों के अमरनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे होने की जानकारी दी। जिसके बाद सीएम ने उन्हें परेशान नहीं होने का ढांढस बंधाया। भुवन और कमान जेठी ने बताया कि बाद में बीएसएफ का एक दल उनके पास आया और उन्हें सुरक्षित बेस कैंप तक ले गया। देर शाम तक ये सभी लोग सोनमर्ग पहुंच गये थे। यात्रियों ने बताया कि फिलहाल उनके पास मोबाइल के अलावा कुछ नहीं है। आपदा में सारा सामान नष्ट हो गया। इन श्रद्धालुओं ने सीएम धामी व रक्षा मंत्री से उत्तराखंड के अन्य यात्रियों की मदद करने का भी अनुरोध किया है।