उत्तराखंड में 19 जुलाई को भारी बारिश से हो सकती है तबाही, 20 को भी रहें सतर्क, यात्रा न करें तो बेहतर,
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Uttarakhand Weather report 19 July
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में आगामी सोमवार से खतरनाक बरसात को लेकर अलर्ट जारी हो चुका है।
Uttarakhand Weather report 19 July
ऐसा माना जा रहा है कि मॉनसून की बारिश का तीसरा दौर शुरू हो सकता है। मंगलवार बुद्धवार को पूरे उत्तराखंड में बहुत तेज बरसात होने की पूरी पूरी संभावना है और उसको देखते हुए मौसम विभाग में समस्त उत्तराखंड में आने वाले 2 दिनों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। चार धाम यात्री और कांवड़ यात्री खास तौर से ध्यान दें कि सोमवार से उत्तराखंड के कई इलाकों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मंगलवार के लिए बेहद सतर्क रहने की ज़रूरत है। नदियों, नालों, पहाड़ों के पास न रहें क्योंकि बरसात में पहाड़ों से भूस्खलन होने की दुर्घटनाएं बेहद आम हैं और नदी एवं नाले भी अपने उफान पर आ रखे हैं। ऐसे में अगर आप सावन के महीने में हरिद्वार आने की सोच रहे हैं या फिर चार धाम यात्रा की सोच रहे हैं तो अपने प्लान पर कुछ दिन के लिए रोक लगा दीजिए। मौसम विभाग ने साफ तौर पर कह दिया है कि 19 और 20 जुलाई को गैरज़रूरी होने पर घरों या सुरक्षित स्थानों से कतई बाहर न निकलें। आप उत्तराखंड में यात्रा या किसी और राज्य से उत्तराखंड जाने के बारे में प्लान कर रहे हैं, तो इन दो दिनों में बिल्कुल न करें और हो सके तो 22 जुलाई तक सब्र करें क्योंकि 22 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग दे चुका है
मौसम विभाग ऐसा मान रहा है कि आगामी सोमवार से मानसून की बरसात का तीसरा दौर शुरू हो सकता है और इस तीसरे दौर में उत्तराखंड में भारी तबाही मचाने की भी संभावना है। मॉनसून की दो दौर की बारिश के चलते उत्तराखंड में कई जगह भूस्खलन से पहाड़ लगातार दरक रहे हैं, तो अब भी 100 से ज़्यादा सड़कें बंद पड़ी हैं। नदियों, नालों और झीलों का जलस्तर बढ़ रहा है और लगातार दुर्घटनाओं की खबरें भी आ रही हैं। ऐसे में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा है कि 19 व 20 जुलाई को प्रदेश में खतरनाक मौसम रहने वाला है। खास तौर से 19 को कुमाऊं और कुमाऊं से सटे गढ़वाल मंडल के ज़िलों में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में हमारी आप से अपील है कि 19 और 20 जुलाई को अपने अपने घरों में सुरक्षित रहे और बाहर निकलना अवॉयड करें। पहाड़ों पर वाहन चलाते समय भी बेहद सावधानी बरतें और नदियों एवं नालों के पास जाने से भी बचें।