उत्तराखंड: दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गई भंडारी गांव की दीपा देवी, दुम दबाकर भागा आदमखोर

गुलदार सामने आया तो एक पल के लिए दीपा देवी बुरी तरह डर गईं, लेकिन अगले ही पल उन्होंने मुकाबला करने की ठान ली। वो घास काटने वाली दरांती से गुलदार पर वार करने लगीं।
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pithoragrh deepa devi guldar : Fight between Pithoragarh Deepa Devi and Leopard
Image: Fight between Pithoragarh Deepa Devi and Leopard

पिथौरागढ़: गुलदार-बाघ सामने आते हैं तो अच्छे-अच्छों की हिम्मत जवाब दे जाती है।

Pithoragarh Deepa Devi fought with Leopard

बीते दिन पिथौरागढ़ की रहने वाली 45 वर्षीय दीपा देवी पर भी गुलदार ने हमला कर दिया था। गुलदार सामने आया तो एक पल के लिए दीपा देवी बुरी तरह डर गईं, लेकिन अगले ही पल उन्होंने मुकाबला करने की ठान लीं। वो घास काटने वाली दरांती से गुलदार पर वार करने लगीं। महिला का साहस देख गुलदार को भी उल्टे पांव वापस लौटना पड़ा। हमले में घायल महिला को सात टांके लगे हैं, लेकिन उनकी जान बच गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है। घटना भंडारी गांव की है। यहां दीपा देवी अपने पति जसवंत सिंह और परिवार के साथ रहती हैं। गुरुवार को वो अन्य महिलाओं के साथ गांव से एक किमी दूर नदुलीगाड़ा के जंगल में घास काटने गई थीं।

तभी करीब 11 बजे गुलदार उन पर झपट पड़ा। दीपा ने हिम्मत दिखाते हुए अपने बचाव में दरांती से उस पर वार किया और शोर मचाया। दीपा का शोर सुनकर कुछ दूरी पर घास काट रहीं निर्मला देवी और नीमा देवी भी शोर मचाते हुए घटनास्थल की तरफ दौड़ीं। जिसके बाद गुलदार जंगल की ओर भाग गया। बाद में दीपा देवी को अस्पताल लाया गया। जहां उनके सिर में छह और कान में एक टांका लगा। महिला के पैर में भी घाव हुए हैं। बाद में परिजनों ने वन विभाग को घटना की सूचना दी। वन रेंजर चंदा महरा ने बताया कि सूचना के बाद मौके पर टीम भेज दी गई है। पीड़ित की ओर से मुआवजा के लिए प्रार्थना पत्र मिला है। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। गुलदार के हमले की घटना से लोग डरे गुए हैं। उन्होंने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की है।