दुखद हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, साथ ही आजीविका का साधन रहे 7 मवेशी भी मलबे में दबकर मर गए।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Virendra Bisht death due to landslide in Turmakhand Bhool village
पिथौरागढ़: उत्तराखंड में आफत की बारिश लोगों की जान ले रही है। जगह-जगह से तबाही की तस्वीरें आ रही हैं। बीते दिन पिथौरागढ़ से सटे नेपाल के एक गांव में भूस्खलन हो गया।
landslide in Turmakhand Bhool village
यहां चट्टान एक घर के ऊपर जा गिरी। मलबे में दबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मलबे में दबी एक बुजुर्ग महिला को किसी तरह बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया है। बुजुर्ग महिला की हालत भी गंभीर बनी हुई है। अचानक हुए इस हादसे से गांव में कोहराम मचा है। जानकारी के अनुसार हादसा पिथौरागढ़ से सटे पड़ोसी देश नेपाल के अछाम जिले के तुर्माखांद भूल गांव में हुआ। जहां पहाड़ी दरक कर एक मकान पर जा गिरी। रविवार की रात एक बजे के आसपास जिले के तुर्माखांद भूल गांव में भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान चट्टान का मलबा अमर बिष्ट के मकान पर गिरा। मलबे में दब कर अमर बिष्ट के भाई वीरेंद्र बिष्ट, वीरेन्द्र बिष्ट की पत्नी हरिकला बिष्ट उम्र 45 वर्ष , और वीरेन्द्र बिष्ट के बेटे संविधान बिष्ट की दुखद मौत हो गई। यानी एक ही परिवार में मां-पिता और बेटे की मृत्यु हो गई
हादसे में एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल है। इस घटना में गौशाला में बंधे 7 पशुओं की भी मौत हुई है। हादसे में मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। बचाव दलों ने बताया कि अमर बिष्ट की मां नैना बिष्ट 65 वर्ष मलबे में दबी थी। सूचना मिलते ही बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गया था। बचाव दल ने नैना बिष्ट को मलबे से जिंदा निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन अमर बिष्ट किसी काम से गांव से बाहर गए हुए थे, जिसके चलते उसकी जान बच गई। इस दुखद हादसे के बाद गांव वाले सदमे में हैं। एक ही परिवार के तीन लोगों की इस हादसे में जान चली गई, साथ ही आजीविका का साधन रहे 7 मवेशी भी मलबे में दबकर मर गए।