6 महीने में तैयार होगा vidhya sameeksha kendra , ऑनलाइन होगा विद्यालयों का निरीक्षण..आप भी पढ़िए
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
Image: vidhya sameeksha kendra will be made in uttarakhand within 6 months
देहरादून: देश के तमाम सरकारी स्कूलों की हालत तो हम सभी जानते हैं। सरकार द्वारा पैसा मिलने के बावजूद भी सरकारी स्कूलों की हालत जस की तस है। हालांकि पिछले कुछ सालों में कुछ सरकारी स्कूलों के अंदर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
vidhya sameeksha kendra will be made in uttarakhand
अधिकांश सरकारी स्कूलों की हालत अभी भी वैसे ही है जैसे पहले थी और कई स्कूलों की हालत तो और भी अधिक बदतर हो गई है। बात की जाए उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों की तो वहां पर भी अधिकांश सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां पर बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। कहीं अध्यापक नहीं आते, तो कहीं शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जाता है और सरकारी स्कूलों में मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में भी स्कूल प्रशासन द्वारा लापरवाही की जाती है। अब सभी सरकारी स्कूलों में रोज वहां जाकर निरीक्षण मुमकिन नहीं हो पाएगा मगर उत्तराखंड में अब सभी सरकारी स्कूलों पर एक साथ नजर रखी जाएगी। हैरान मत होइए क्योंकि यह सच है और मुमकिन है। उत्तराखंड सरकार अब तमाम सरकारी स्कूलों के ऊपर कड़ी नजर रखने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में प्रत्येक सरकारी विद्यालय पर अब शासन और शिक्षा महानिदेशालय की सीधी नजर रहेगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा महानिदेशालय में समीक्षा केंद्र की स्थापना की जाएगी। पूरे भारत में यह समीक्षा केंद्र केवल दो ही राज्यों में है और वे राज्य हैं गुजरात और गोवा। इन दो राज्यों के बाद उत्तराखंड तीसरा राज्य बनेगा जहां आधुनिक तकनीकी युक्त विद्या समीक्षा केंद्र होगा। आगे पढ़िए
शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा महानिदेशालय में समीक्षा केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसके बाद उच्चाधिकारी अपने कार्यालयों से विद्यालयों का ऑनलाइन निरीक्षण कर सकेंगे। यह सब विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से होगा। शिक्षा विभाग ने इस केंद्र की स्थापना को आइटी कंपनी कान्वेजीनियस के साथ अनुबंध किया है। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि अगले छह महीने में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा। बड़ी बात यह है कि पूरे देश में केवल दो ही राज्यों में इस केंद्र की स्थापना हो रखी है और गे राज्य हैं गुजरात और गोवा। इन दो राज्यों के बाद उत्तराखंड पूरे देश में तीसरा ऐसा राज्य बनेगा जहां पर यह केंद्र स्थापित होगा जिससे सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा और पढ़ाई की गुणवत्ता में भी इजाफा होगा। बता दें कि प्रदेश सरकार ने केंद्र से इस केंद्र की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता मांगी थी। केंद्र ने प्रस्ताव स्वीकार कर राज्य सरकार को पांच करोड़ की राशि जारी की। इस सहायता के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि समीक्षा केंद्र में विभाग का संपूर्ण डाटा आनलाइन उपलब्ध रहेगा। और विद्यालयों का विवरण, शिक्षकों की विषयवार संख्या, छात्र-छात्राओं की संख्या के साथ विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी पाने के लिए विभाग को बार-बार मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। वहीं शासन एवं महानिदेशालय के अधिकारी केंद्र के माध्यम से किसी भी विद्यालय का ऑनलाइन निरीक्षण भी कर सकते हैं और इसी के साथ वे वहां संपूर्ण गतिविधियों का जायजा भी ले सकेंगे। इस केंद्र के स्थापित होने के बाद शैक्षणिक बदलाव आएगा जिससे उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।