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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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पौड़ी गढ़वाल: पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार-बाघ के हमले की बढ़ती घटनाओं से दहशत का माहौल है।
गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक ऐसा कोई जिला नहीं, जहां जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं न हो रही हों। इस बार मामला लैंसडौन का है। जहां गुलदार ने गढ़वाल राइफल्स के एक सैनिक पर हमला कर दिया। घायल सैनिक को इलाज के लिए मिलिट्री अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है। घटना के बाद लोग डरे हुए हैं, वो वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। घटना मंगलवार की है। गढ़वाल राइफल्स में तैनात नायब सूबेदार सुरेश कुमार पीटी के लिए जा रहे थे। जैसे ही सुरेश कालेश्वर मंदिर के पास पहुंचे एक गुलदार उन पर झपट पड़ा। सुरेश कुमार जान बचाने के लिए गुलदार से जूझने लगे। वो मदद के लिए आवाज लगा रहे थे।
चीख-पुकार सुनकर मंदिर में पूजा कर रहे लोग घायल सैनिक की मदद के लिए दौड़ पड़े। लोग मौके पर पहुंचे तो गुलदार सैनिक को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। बाद में घायल सैनिक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। सैनिक की पीठ पर गुलदार के नाखून के निशान लगने के साथ ही सिर पर भी चोट लगी है। वन क्षेत्राधिकारी बीडी तिवारी ने बताया की गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है। बता दें कि लैंसडाउन गढ़वाल राइफल्स का सेंटर होने के साथ ही उत्तराखंड का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। यहां पिछले दिनों सेना क्षेत्र में एक दुपहिया वाहन सवार पर भी गुलदार ने पीछे से हमला किया था। पर्यटन नगरी समेत निकटवर्ती क्षेत्रों में गुलदार की दहशत बढ़ने से लोगों में डर का माहौल है। वन विभाग की ओर से शाम को आबादी क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।