jawan dharmendra gangwar लेह में ड्यूटी पर तैनात थे, जहां उनका ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। जवान की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
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कोमल नेगी
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Image: uttarakhand jawan dharmendra gangwar martyr
नैनीताल: देवभूमि के एक और जांबाज ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
uttarakhand jawan dharmendra gangwar martyr
सेना के जवान धर्मेंद्र गंगवार jawan dharmendra gangwar का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया है। जब से उनके निधन का समाचार घर पहुंचा है, वहां कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। धर्मेंद्र गंगवार लेह में ड्यूटी पर तैनात थे, जहां उनका ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। जवान की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। जवान धर्मेंद्र गंगवार का परिवार नैनीताल जिले के लालकुआं में रहता है। उनके निधन की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। धर्मेंद्र गंगवार साल 2003 मई में हल्द्वानी एएमई कोर सेंटर से भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में उनके पत्नी मीरा गंगवार, बड़ा बेटा आर्यन और छोटा बेटा युग है। बड़ा बेटा 11 साल का है और कक्षा पांच में पढ़ता है, जबकि छोटा बेटा युग अभी सिर्फ 7 साल का है।
बीते दिन इन दोनों मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया। घर में हर तरफ रोने की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे दोनों बच्चे गुमसुम हैं। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र गंगवार का परिवार लालकुआं के वॉर्ड नबंर-2 गांधीनगर में रहता है। वह भारतीय सेना के एएमई विभाग में तैनात थे। इन दिनों उनकी ड्यूटी लेह में थी। धर्मेंद्र ने जल्द ही घर लौटने का वादा किया था, लेकिन अफसोस कि वो जिंदा नहीं लौट सके। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान ही शुक्रवार रात को धर्मेंद्र गंगवार को हार्ट अटैक आया। धर्मेंद्र गंगवार के साथियों को उन्हें हॉस्पिटल ले जाने का समय भी नहीं मिला, उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक जवान का पार्थिव शरीर लालकुआं लाया जाएगा। पहले पार्थिव शरीर पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचेगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को घर लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के बाद सैन्य सम्मान के साथ jawan dharmendra gangwar को अंतिम विदाई दी जाएगी