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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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नैनीताल: उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद कोसी नदी में तेज बहाव देखने को मिला। आलम ये है कि इस बहाव के चलते रेल पुल पर खतरा मंडराने लगा।
खतरे को देखते हुए रेलवे की ओर से रेल ट्रैफिक सस्पेंड किया गया। ये सस्पेंशन 24 घंटे बाद भी बंद रहा। कई ट्रेन कैंसिल की गई, तो कुछ ट्रेन रद्द की गईं। ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से उत्तराखंड, यूपी सहित पड़ोसी राज्यों के रेल यात्रियों को परेशानी हुई। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के डीआरएम और एडीआरएम ने मौका मुआयना किया। मुआयने के बाद उन्होंने कहा कि पिचिंग ठीक होने का बाद ही ट्रैफिक सुचारू होगा। इस रूट पर ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण कई ट्रेनों का रूट बदला गया। इसके अलावा कुछ ट्रेनें रद्द भी करनी पड़ी। आगे पढ़िए
दरअसल रामनगर बैराज से कोसी में छोड़े गये पानी के तेज बहाव से सुल्तानपुर पट्टी स्थित रेलवे पुल के दो गोलों की पिचिंग को खतरा पैदा हो गया था। मंगलवार देर रात रेलवे के अधिकारियों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, इस रूट पर रेल ट्रैफिक को रोक दिया गया था। बुधवार को डीआरएम आशुतोष पंत और एडीआरएम राजीव अग्रवाल ने रेल पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि तेज बहाव से पुल के गोलों में की गई पिचिंग बह गई है। इससे पुल को खतरा भी पैदा हो गया है। खतरे को देखते हुए सभी ट्रेनों का मंगलवार की रात से संचालन बंद कर दिया गया। जब तक पुल के गोलों की पिचिंग का काम पूरा नहीं हो जाता पुल पर ट्रेनों का संचालन बंद ही रहेगा।